350 परिवार और 3000 लोगों के इस गांव में 1962 की जंग से लेकर आज तक शहीदों का इतिहास रहा है. सातारा शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आपशिंगे गांव को सशस्त्र बलों में अपने योगदान के लिए आपशिंगे मिलिट्री के रूप में भी जाना जाता है.