दशकों से ये माना जा रहा था कि बृहस्पति ग्रह के बर्फीले चांद यूरोपा की बर्फ की मोटी चादरों के नीचे जीवन होगा. लेकिन ये परत इतनी मोटी है कि जीवन की उम्मीद भी बेकार हो चुकी है. बर्फ इस मोटी परत के नीचे नमकीन पानी का समंदर है.