लूनर एक्सप्लोरेशन के 65 सालों के बाद, अमेरिका चांद पर अपना पहला रोवर लगाने जा रहा है. लेकिन खास बात ये है कि नासा के इंजीनियर इस मिशन पर काम नहीं कर रहे, बल्कि कॉलेज के स्टूडेंट्स का एक ग्रुप इस काम में बड़ी शिद्दत से जुटा हुआ है.