29 जनवरी को हल्के पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर भारत के पहाड़ों पर दस्तक दी. हालांकि तीव्रता कम होने के चलते इसका असर बहुत ज्यादा नहीं रहा. इसके बाद 31 जनवरी से 2 फरवरी 2025 के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ आएगा. यह प्रणाली पहले की तुलना में थोड़ी अधिक प्रभावी होगी.