इंडियन मिशन को जैसे ही पता लगता है कि भारतीय नागरिक को विदेशी जेल में बंद किया गया है, वो स्थानीय प्रशासन के जरिए उससे संपर्क किया जाता है. ये पता किया जाता है कि केस है क्या? फिर उसके लिए वकील से लेकर सरकार से बातचीत जैसे कदम उठाए जाते हैं. जैसे नौसेना के पूर्व अधिकारियों के मामले में किया गया.