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मेलबर्न में शतक के लिए अजिंक्य रहाणे को मिला ऐतिहासिक 'जॉनी मुलाग' मेडल, जानें क्या है खासियत

aajtak.in
  • 29 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST
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अजिंक्य रहाणे ने मंगलवार को न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया को बतौर कप्तान धमाकेदार जीत दिलाई बल्कि खुद के अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत इतिहास भी रच दिया. अजिंक्य रहाणे ने मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में शानदार शतक जड़ते हुए 112 रनों की पारी खेली. 

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वहीं, अजिंक्य रहाणे ने दूसरी पारी में भी उन्होंने नाबाद 27 रन बनाकर टीम इंडिया को 8 विकेट से जीत भी दिलाई. रहाणे के इस बेहतरीन खेल के लिए उन्हें बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में 'मैन ऑफ द मैच चुना' गया. रहाणे को इस दौरान जॉनी मुलाग मेडल से सम्मानित किया गया. 

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टीम इंडिया ने कंगारुओं के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है. भारत ने मेलबर्न में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से मात दे दी. एडिलेड में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टीम इंडिया को शर्मनाक हार दी थी, लेकिन मेलबर्न में वापसी करते हुए भारतीय टीम ने कंगारुओं से हार का बदला ले लिया. 

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अजिंक्य रहाणे जॉनी मुलाग मेडल पाने वाले पहले क्रिकेटर बने हैं. बता दें कि यह पहले से तय था कि बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (मैन ऑफ द मैच) को जॉनी मुलाग पदक से सम्मानित किया जाएगा.

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जॉनी मुलाग 1868 की ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के कप्तान थे, जिनके नाम पर इस मेडल का नाम रखा गया.  जॉनी मुलाग विदेशी दौरे पर जाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान थे. 

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जॉनी मुलाग की अगुवाई में 1868 में टीम ने ब्रिटेन का दौरा किया था. यह टीम अंतरराष्ट्रीय दौरा करने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम थी.

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जॉनी मुलाग का असली नाम उनारिमिन था और उन्होंने 1868 में क्षेत्रीय टीम का नेतृत्व किया था. इस दौरे में उन्होंने 47 में से 45 मैच खेले थे तथा लगभग 23 की औसत से 1698 रन बनाए थे. 
 

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जॉनी मुलाग ने 1877 ओवर भी किए. जिसमें से 831 ओवर मेडन थे तथा 10 की औसत से 245 विकेट लिये. अपने करियर में उन्होंने कामचलाऊ विकेटकीपर की भूमिका भी निभाई और चार स्टंपिंग की.

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