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IPL 2020 के दौरान सट्टेबाजी रोकने के लिए BCCI ने किया खास उपाय

आईपीलए का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा और ऐसे में बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (ACU) के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी.

BCCI has tied up with UK-based company. BCCI has tied up with UK-based company.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:24 AM IST
  • BCCI ने ब्रिटिश कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है
  • आईपीलए का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा
  • भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान सट्टेबाजी और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटेन स्थित कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है जो अपनी धोखाधड़ी जांच प्रणाली (FDS) के जरिए सेवाएं देगी.

आईपीलए का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा और ऐसे में अजित सिंह की अगुवाई वाली बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (ACU) के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी क्योंकि कुछ राज्यस्तरीय लीग के दौरान सट्टेबाजी से जुड़ी धोखाधड़ी बढ़ी है और इस लुभावनी प्रतियोगिता के दौरान इसके बढ़ने की संभावना है.

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आईपीएल के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘हां, बीसीसीआई ने इस साल के आईपीएल के लिए स्पोर्टरडार के साथ करार किया है. वे एसीयू के साथ मिलकर काम करेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘स्पोर्टरडार ने हाल में गोवा फुटबॉल लीग के आधा दर्जन मैचों को संदेह के घेरे में रखा था. वे FIFA (विश्व फुटबॉल संस्था), यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल की संस्था) और विश्व भर की विभिन्न लीग के साथ काम कर चुके हैं.’

बीसीसीआई एसीयू ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) सहित राज्यस्तरीय टी20 लीग के दौरान सट्टेबाजी के अलग तरह के नमूनों का पता लगाया था. अलग तरह के दांव लगाए जाने के कारण एक प्रमुख सट्टा कंपनी ने दांव लगवाना बंद कर दिया था.

स्पोर्टरडार के अनुसार धोखाधड़ी जांच प्रणाली (FDS) एक विशिष्ट सेवा है, जो खेलों में सट्टेबाजी से संबंधित हेराफेरी का पता लगाती है. यह इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि एफडीएस के पास मैच फिक्सिंग के उद्देश्य से लगाए जाने वाली बोलियों को समझने के लिए उपयुक्त प्रणाली है.

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