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Gautam Gambhir era begins: कभी हार न मानने का जज्बा... अपनी शर्तों पर आगे बढ़ते रहे हैं गौतम गंभीर

गौतम गंभीर को BCCI ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया. बोर्ड को उम्मीद है कि वह इस पद पर ‘दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता’ लाएंगे जिस पर हाल तक राहुल द्रविड़ ‘शानदार सफलता’ के साथ काबिज थे. द्रविड़ का कार्यकाल पिछले महीने बारबाडोस में टी20 विश्व कप में भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ था.

Gautam Gambhir (PTI) Gautam Gambhir (PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 10:11 AM IST

Gautam Gambhir era begins in Indian cricket: पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया. बोर्ड को उम्मीद है कि वह इस पद पर ‘दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता’ लाएंगे, जिस पर हाल तक राहुल द्रविड़ ‘शानदार सफलता’ के साथ काबिज थे. 

भारत की 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 42 साल के बाएं हाथ के बल्लेबाज गंभीर द्रविड़ की जगह लेने की दौड़ में सबसे आगे थे. द्रविड़ का कार्यकाल पिछले महीने बारबाडोस में टी20 विश्व कप में भारत की जीत के साथ समाप्त हुआ था.

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मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते हैं गंभीर

गंभीर वह खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर भारतीय सलामी जोड़ी को नई दिशा दी थी, लेकिन उन्हें अपने मुखर व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है और यही वजह है कि वनडे विश्व कप 2011 में खिताब जीत का श्रेय केवल महेंद्र सिंह धोनी को मिलने पर उन्होंने जब तब आपत्ति जताई.

अपने कभी हार न मानने के जज्बे के कारण भारतीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाने वाले गौतम गंभीर को अपनी शर्तों पर काम करने वाला व्यक्ति भी माना जाता है और यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम के मुख्य कोच की भूमिका में वह किस तरह से आगे बढ़ते हैं.

अब टीम इंडिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी

आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार चैम्पियन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया कि वह एक कुशल रणनीतिकार हैं. इस साल आईपीएल में वह कोलकाता के मेंटर बने थे और यह टीम तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रही थी.

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एक क्रिकेटर के रूप में गंभीर की बात करें तो यह कहा जा सकता है कि वह अपने साथी बल्लेबाजों वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के कुछ न कुछ गुण खुद में समाहित किए हुए है.

गंभीर ने कहा कि प्रतिष्ठित पद पर रहते हुए ‘तिरंगे की सेवा करना बेहद सम्मान की बात’ होगी और वह टीम के लिए अच्छे नतीजे देने के लिए ‘अपनी पूरी ताकत लगा देंगे’.

गंभीर का जन्म 14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली में हुआ और उन्होंने अपने राज्य के ही साथी सहवाग के साथ मिलकर भारत की सबसे मजबूत सलामी जोड़ी बनाई. गंभीर ने 2004 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, लेकिन 2008 तक उनका करियर उतार चढ़ाव वाला रहा.

इस बीच पहले 17 टेस्ट मैच में वह केवल एक शतक लगा पाये थे, लेकिन इसके बाद अगले 14 टेस्ट मैच में आठ शतक लगाने में सफल रहे. इसके बाद हालांकि टेस्ट मैचों में उनका फॉर्म खराब हो गया और आखिरी 17 टेस्ट मैच से वह शतक लगाने में नाकाम रहे.

एकदिवसीय मैचों में वह लगातार अपनी छाप छोड़ते रहे हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उनकी अगुवाई में 2012 और 2014 में खिताब जीता था. उन्हें आईपीएल में सबसे अधिक कीमत (11 करोड़ रुपये से भी अधिक) में खरीदा गया था. गंभीर के नाम पर 4000 से अधिक टेस्ट और 5000 से अधिक वनडे रन दर्ज हैं.

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