
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज की समाप्ति हो चुकी है. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम इस सीरीज को 4-1 से जीतने में सफल रही. बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए आखिरी टी20 मैच में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 6 रनों से हराया. इस सीरीज जीत के साथ ही भारत ने आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल 2023 में मिली हार का बदला ले लिया.
रवि बिश्नोई ने अपनी स्पिन से कंगारुओं को किया पस्त
टी20 सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा. पहले तीन मैचों में चार-चार सौ से ज्यादा रन बने. वहीं आखिरी दो टी20 मुकाबलों में भी रनों का तिहरा शतक लगा. बल्लेबाजों के धमाके के बीच जिस एक गेंदबाज ने अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोंरी, वो स्पिनर रवि बिश्नोई रहे. 23 साल के रवि बिश्नोई ने पांच मैचों में सबसे ज्यादा 9 विकेट लिए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया.
रवि बिश्नोई गेंद को थोड़ी तेजी से फेंकते हैं और बॉल को काफी स्लाइड करते हैं. उनकी गुगली को पिक करना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होता है. बिश्नोई ने इस टी20 सीरीज में अहम मौकों पर टीम इंडिया को सफलता दिलाई, जिसने मैच का रुख मोड़ दिया. बिश्नोई की टी20 सीरीज में इकोनॉमी रेट 8.20 रही, जो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खिलाफ उनके दबदबे को दर्शाता है. आखिरी दो टी20 मैचों में तो उनका प्रदर्शन लाजवाब रहा.
रवि बिश्नोई ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शानदार प्रदर्शन के बाद पिछले साल फरवरी में अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. उस साल ऑस्ट्रेलिया में टी20 विश्व कप टीम में चुने जाने के वह प्रबल दावेदार थे, लेकिन उनपर युजवेंद्र चहल को तवज्जो दी गई. इस साल आयरलैंड सीरीज, हांगझोऊ एशियन गेम्स और ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला को मिलाकर रवि बिश्नोई 10 मैचों में 18 विकेट ले चुके हैं.
...जब खेतों में गेंदबाजी करते थे रवि बिश्नोई
रवि बिश्नोई जोधपुर के बिरामी गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार आगे चलकर जोधपुर में रहने लगा. उनकी मां के मुताबिक, जब तक परिवार गांव में रहा, रवि बिश्नोई ने खेतों में ही गेंदबाजी की. अपनी धुन के पक्के रवि बिश्नोई को जोधपुर में क्रिकेट एकेडमी से जुड़ने का मौका मिला और भरपूर ट्रेनिंग ली. बचपन में रवि बिश्नोई खेतों की उबड़खाबड़ जमीन पर ही प्रैक्टिस करने लगे थे.
एक समय ऐसा भी आया, जब रवि बिश्नोई का अंडर-16 टीम में चयन नहीं हुआ और उनके पिता ने क्रिकेट छोड़ने के लिए कह दिया था. फिर कोच प्रद्योत सिंह ने रवि के पिता से बातकर उन्हें मनाया. जोधपुर में रवि बिश्नोई ने प्रद्योत सिंह से ही क्रिकेट की बारीकियां सीखीं. रवि ने लेग स्पिन गेंदबाजी से अंडर-19 विश्व कप के दौरान अपनी छाप छोड़ी थी. उस वक्त ही लगने लगा था कि रवि आगे चलकर भारत के लिए इंटरनेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन करेंगे.
क्या टी20 वर्ल्ड कप में मिलेगा मौका?
दाएं हाथ के लेगब्रेक बॉलर रवि बिश्नोई ने भारत के लिए अबतक 1 वनडे और 21 टी20 मैच खेले हैं. वनडे इंटरनेशनल में रवि ने 1 और टी20 इंटरनेशनल में 34 विकेट लिए हैं. आगामी टी20 वर्ल्ड कप वेस्टइंडीज और यूएसए में होना है, जहां कि पिच स्पिनर्स के मुफीद रहने की संभावना है. बिश्नोई का ये प्रदर्शन जारी रहा, तो उन्हें वर्ल्ड कप टीम में जगह मिल सकती है.
भारत-ऑस्ट्रेलिया टी-20 सीरीज
• पहला टी-20: भारत 2 विकेट से जीता
• दूसरा टी-20: भारत 44 रनों से जीता
• तीसरा टी-20: ऑस्ट्रेलिया 5 विकेट से जीता
• चौथा टी-20: भारत 20 रनों से जीता
• पांचवां टी-20: भारत छह रनों से जीता