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IND vs ENG: केएल राहुल 'मिसफिट', विराट कोहली, रोहित शर्मा के बल्ले में अब भी झोल, इंग्लैंड सीरीज से क्या मिला?

भारतीय टीम ने 3 मैचों की घरेलू वनडे सीरीज में इंग्लैंड को 3-0 से क्लीन स्वीप किया. अब टीम इंडिया को इसी महीने ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 खेलनी है. इससे पहले भारतीय टीम के लिए यह इंग्लैंड सीरीज काफी अहम थी. टीम ने यह सीरीज जीत तो ली, लेकिन इस दौरान कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे टीम को काफी कुछ सीखना होगा.

भारतीय टीम. भारतीय टीम.
aajtak.in
  • अहमदाबाद,
  • 13 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

IND vs ENG ODI Series: रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की घरेलू वनडे सीरीज में धमाल कर दिया है. टीम इंडिया ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की. अब भारतीय टीम को इसी महीने पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाली ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 खेलनी है. 

चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम के लिए यह इंग्लैंड सीरीज काफी अहम थी. टीम ने यह सीरीज जीत तो ली, लेकिन इस दौरान कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे टीम को काफी कुछ सीखना होगा. साथ ही कुछ पोजिटिव चीजें भी मिली हैं. आइए जानते हैं इन सभी के बारे में...

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केएल राहुल को पूरे मौके मिले, पर वो परफेक्ट नहीं बैठे

वनडे सीरीज में बतौर विकेटकीपर केएल राहुल को पूरे मौके मिले हैं. जबकि ऋषभ पंत को बाहर ही रखा था. मगर राहुल इसका पूरा फायदा नहीं उठा सके और अब भी वो प्लेइंग-11 में मिसफिट से नजर आते हैं. राहुल ने 3 मैचों में सिर्फ 52 रन बनाए. इस दौरान उनका औसत भी बेहद खराब 17.33 का रहा है.

केएल राहुल को शुरुआती दो मैचों में छठे नंबर पर भेजा था. उनसे ऊपर अक्षर पटेल को उतारा था. तब वो फ्लॉप रहे थे और दो मैचों में सिर्फ 12 रन बनाए थे. हालांकि तीसरे वनडे में राहुल को 5वें नंबर पर भेजा तो उन्होंने 40 रन ठोक दिए. इस तरह प्लेइंग-11 में वो परफेक्ट बैठ रहे हैं या नहीं, यह भी कन्फ्यूजन बना हुआ है.

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कोहली अब भी फॉर्म के लिए जूझ रहे

विराट कोहली लगातार खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. उन्होंने सीरीज का पहला वनडे नहीं खेला था, लेकिन दूसरे वनडे में वो सिर्फ 2 ही रन बना पाए थे. हालांकि तीसरे वनडे में उन्होंने 52 रनों की पारी खेलकर कुछ उम्मीद जताई है, लेकिन वो अब भी अपनी क्लास नहीं दिखा पाए हैं. साथ ही कोहली की फॉर्म में निरंतरता की भी कमी खली है.

कोहली अपनी इसी फॉर्म को आगे बरकरार रख पाएंगे या नहीं, यह देखना होगा. क्योंकि इससे पहले कोहली की फॉर्म में निरंतरता की कमी ही दिखी है. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ टेस्ट में शतक लगाया था. मगर उसके बाद उन्होंने 9 इंटरनेशनल पारियों में सिर्फ 96 रन ही बनाए हैं. इस दौरान एक भी फिफ्टी नहीं लगा सके. हालांकि अहमदाबाद वनडे में उनकी फिफ्टी (52 रन) आई है.

रोहित ने शतक जमाया, लेकिन निरंतरता पर सवाल

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने सीरीज के दूसरे वनडे में 119 रनों की आतिशी पारी खेली थी. मगर वो भी इससे पहले बेहद खराब फॉर्म से जूझ रहे थे. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में सिर्फ 3 मुकाबले खेले थे. इस दौरान 5 पारियों में सिर्फ 31 रन ही बना पाए थे. उनका औसत भी किसी गेंदबाज से भी बेहद कम का रहा था. उनका एवरेज 6.20 का रहा था.

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हालांकि रोहित ने अब शतक लगाकर चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले फॉर्म में आने के संकेत दे दिए हैं. मगर उनकी निरंतरता पर अब भी सवाल हैं. दरअसल, रोहित ने सीरीज के पहले वनडे में सिर्फ 2 रन बनाए थे. मगर दूसरे वनडे में शतक जड़ दिया. फिर तीसरे वनडे में रोहित एक बार फिर फुस्स साबित हुए और 1 ही रन बनाकर चलते बने. अब देखना होगा चैम्पियंस ट्रॉफी में क्या होता है.

गिल-अय्यर ने दिखाया अपना दम, हर मैच में चला बल्ला

इस वनडे सीरीज में एक अच्छी बात यह रही कि ओपनिंग में शुभमन गिल और मिडिल ऑर्डर में श्रेयस अय्यर ने शानदार फॉर्म दिखाई है. खुश होने वाली बात ये है कि तीनों के प्रदर्शन में निरंतरता दिखी है. साथ ही हर मैच के साथ उनका प्रदर्शन भी शानदार होता दिखा है. 

गिल ने पहले वनडे में 87 और दूसरे मैच में 60 रनों की पारी खेली थी. मगर तीसरे वनडे में उन्होंने शतक जड़ दिया. गिल ने 112 रनों की मैच विनिंग पारी खेल डाली. इसी तरह का प्रदर्शन श्रेयस का रहा है, लेकिन वो शतक नहीं जड़ सके. उन्होंने सीरीज की तीनों मैचों में क्रमशः 59, 44 और 78 रनों की आतिशी पारियां खेलीं. यह भारतीय टीम और फैन्स के लिए अच्छी बात रही है.

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बुमराह बाहर, शमी की नहीं दिखी लय, अब गेंदबाजी में क्या होगा?

चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड के खिलाफ इस वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाजों को भी आजमाने का अच्छा मौका था. खासकर जसप्रीत बुमराह की गैरहाजिरी में. मगर स्पिन डिपार्टमेंट को छोड़कर तेज गेंदबाजी में थोड़ी सी निराशा मिली है. 

इस सीरीज में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट तेज गेंदबाज हर्षित राणा और स्पिनर रवींद्र जडेजा ने लिए हैं. दोनों ने बराबर 6-6 विकेट चटकाए. हर्षित ने 3 और जडेजा ने 2 मैचों ने यह विकेट लिए हैं. बुमराह की गैरमौजूदगी में अनुभवी पेसर मोहम्मद शमी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चोट के बाद वापसी करते हुए वो पुरानी लय में नहीं दिखे.

शमी ने 2 वनडे खेले, जिसमें 2 ही विकेट लिए हैं. जबकि अर्शदीप ने एक मैच में 2 विकेट झटके. तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या तीनों वनडे खेले, जिसमें 3 ही विकेट ले सके हैं. ऐसे में भारतीय तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट कमजोर सा दिख रहा है. दूसरी ओर बुमराह चोट के कारण बाहर हो गए हैं. ऐसे में यह एक बड़ा सिरदर्द हो सकता है.

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