
भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट मैच में 7 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. मुकाबले के दूसरे दिन (4 जनवरी) टीम इंडिया ने 79 रनों के टारगेट को 12 ओवर में हासिल कर लिया. रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने इस जीत के साथ ही टेस्ट सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया.
केपटाउन की पिच पर जूझते दिखे बल्लेबाज
केपटाउन टेस्ट मैच में बल्लेबाज रन बनाने के जूझते रहे. पिच से तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी और फास्ट बॉलर्स ने 32 विकेट चटकाए. वहीं एक खिलाड़ी रन आउट रवींद्र जडेजा और केशव महाराज को तो गेंदबाजी करने का भी मौका नहीं मिला. 107 ओवर्स में ही मैच समाप्त होने के बाद केपटाउन की पिच पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा भी पिच से नाखुश दिखे. रोहित ने मैच के बाद कहा, 'केपटाउन की पिच टेस्ट मैच के लिए आदर्श नहीं थी. जब तक भारतीय पिचों के बारे में कोई शिकायत नहीं करता, तब तक मुझे इस तरह की पिचों पर खेलने में कोई आपत्ति नहीं है. भारत में टर्निंग ट्रैक की आलोचना की जाती है. यहां तक कि विश्व कप फाइनल की पिच पर भी सवाल उठाए गए थे. आईसीसी को इस पर गौर करना चाहिए.'
रोहित ने भारतीय पिचों के आलोचकों पर कसा तंज
रोहित ने आगे कहा, 'विश्व कप फाइनल की पिच को औसत से कम रेटिंग दी गई. उस मैच में एक खिलाड़ी ने शतक बनाया था. मैं मैच रेफरी से यह देखने का आग्रह करता हूं कि वहां (पिच पर) क्या है, ना कि उस देश को देखें जहां यह खेला गया. भारत में पहले दिन ही आप धूल के गुबार की बात करते हैं', यहां भी दरारें थीं.'
आपको बता दें कि इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी भारतीय पिचों की आलोचना करते रहते हैं. क्रिकेट विश्व कप 2023 के फाइनल में इस्तेमाल की गई अहमदाबाद की पिच को आईसीसी औसत से खराब रेटिंग दी थी. भारत में जब टेस्ट मैच खेला जाता है तो पिच को लेकर काफी चर्चा होती है. अब रोहित ने केपटाउन के बहाने भारतीय पिचों के आलोचकों पर निशाना साधा है.
रोहित ने टीम की तारीफ करते हुए कहा, 'यह एक अच्छी उपलब्धि रही. सेंचुरियन में हमें गलतियों से सीखना चाहिए था. हमने बहुत अच्छी वापसी की, खासकर हमारे गेंदबाजों ने. कुछ प्लानिंग की गई और खिलाड़ी को उसका इनाम मिला. हमने खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढाला. हमने अच्छी बल्लेबाजी की और लगभग 100 रनों की लीड ली. आखिरी छह विकेट जैसे गिरे, वह देखकर अच्छा नहीं लगा.'
रोहित ने इन खिलाड़ियों को दिया जीत का क्रेडिट
रोहित कहते हैं, 'हम जानते थे कि यह एक छोटा खेल होने वाला है और बोर्ड पर रन मायने रखेगा. इसलिए लीड हासिल करना बहुत महत्वपूर्ण था. हमने चीजों को सरल रखने की कोशिश की और पिच ने बाकी का काम कर दिया. सिराज, बुमराह, मुकेश और प्रसिद्ध को क्रेडिट देना चाहूंगा. जब भी आप यहां आते हैं, यह चुनौतीपूर्ण होता है.'
रोहित ने बताया, 'हमने भारत के बाहर काफी अच्छी क्रिकेट खेली है, इस पर हमें काफी गर्व है. हम सीरीज जीतना पसंद करते. साउथ अफ्रीका एक शानदार टीम है, वे हमेशा हमें चुनौती देते हैं. हम इस प्रदर्शन से काफी गर्व महसूस कर सकते हैं. वह (डीन एल्गर) साउथ अफ्रीका के लिए काफी महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं. मैं उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं.'
केपटाउन टेस्ट मैच में सिर्फ 642 गेंदों का (107 ओवरों) खेल हुआ. किसी नतीजा निकले टेस्ट में पहली बार इतनी कम गेंदों का खेल हुआ. इससे पहले साल 1932 में ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच टेस्ट मैच का नतीजा 656 गेंदों में निकल आया था. भारत की जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि पहली बार किसी एशियाई टीम ने केपटाउन में साउथ अफ्रीका को पराजित किया.
मैच का संक्षिप्त विवरण:
भारत- पहली पारी 153, दूसरी पारी: 80/3
टारगेट- 79 रन
साउथ अफ्रीका- पहली पारी 55, दूसरी पारी: 176