
Cape Town Test 2024, India Vs South Africa Stats: केपटाउन में 3 जनवरी से शुरू हुआ टेस्ट मैच 4 जनवरी को खत्म हो गया. महज दो दिन में इस टेस्ट मैच में नतीजा आ गया, टीम इंडिया ने इसे 7 विकेट से जीता. केपटाउन में यह टीम इंडिया की पहली जीत रही. इससे पहले खेले गए 6 में से 4 मैचों में टीम इंडिया को हार मिली थी, वहीं दो मैच ड्रॉ रहे. वहीं ये मुकाबला 'सबसे छोटा टेस्ट' के रूप में भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.
केपटाउन टेस्ट केवल 107 ओवर (642 गेंदें ) तक चला, जिससे यह अब तक का सबसे छोटा टेस्ट बन गया, जिसमें रिजल्ट आया हो. इस तरह 92 साल पुराना रिकॉर्ड भी धड़ाम हो गया. 1932 में मेलबर्न में बना 92 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने मेलबर्न में तब साउथ अफ्रीका को पारी और 72 रन से हराया था.
वैसे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दो दिनों के भीतर 25 टेस्ट पूरे हो चुके हैं, जिनमें से तीन में भारत शामिल है, ये सभी 2018 के बाद से आए हैं हुए हैं. भारत ने इससे पहले दो दिन में दो टेस्ट बेंगलुरु (2018) और अहमदाबाद (2021) में जीते थे, तब क्रमश: अफगानिस्तान और इंग्लैंड हराया था.
वहीं केपटाउन में चार बार ऐसा हुआ है जब टेस्ट मैच दो दिनों में खत्म हुआ हो. 1889 और 1896 में में ऐसा साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के मैच में हुआ है, तब दोनों ही बार अंग्रेज टीम जीती. 2005 में अफ्रीकी टीम ने जिम्बाव्बे को हराया था. वहीं इस मैच में भी ऐसा हो गया.
किसी बल्लेबाज ने नहीं बनाया अर्धशतक और जीती टीम इंडिया
टेस्ट इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत ने 2 टेस्ट तब जीते जब उनके किसी भी बल्लेबाज ने 50 से अधिक का स्कोर नहीं बनाया. केपटाउन में हुए टेस्ट में पहली पारी में विराट कोहली ने 46 रन बनाए थे. इससे पहले 2015 में नागपुर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी ऐसा हुआ, जब टीम इंडिया जीती थी, तब मुरली विजय ने 40 रन के साथ हाइएस्ट स्कोरर रहे.
भारत और साउथ अफ्रीका मैच का सबसे कम एग्रीगेट टोटल
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच इस टेस्ट में एग्रीग्रेट टोटल (दोनों टीमों का कुल स्कोर) 464 रन रहा, जो 2015 में नागपुर में बनाए गए 652 रनों से बहुत पीछे है. वहीं यह यह भारत के साथ किसी टीम के एक कंपलीट टेस्ट का दूसरा सबसे कम स्कोर भी है. इससे पहले किसी मैच में एग्रीगेट टोटल 387 रन रहा था, 2021 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ तब टीम इंडिया ने 10 विकेट से जीत दर्ज की थी.
तीसरी बार भारत के तेज गेंदबाजों ने झटके 20 विकेट
ऐसा तीसरी बार हुआ जब भारत के तेज गेंदबाजों ने एक टेस्ट मैच में सभी 20 विकेट झपट लिए, और ये सब कुछ 2018 के बाद जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी में ही हुआ है. उन्होंने इन तीन मैचों में सामूहिक रूप से 24 विकेट (40%) हासिल किए. 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग, 2021 में नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजों ने इससे पहले 20 विकेट हासिल किए थे.
वहीं बुमराह ने SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) में छठी बार पांच विकेट किसी टेस्ट में हासिल किए. वो भारतीय गेंदबाज द्वारा संयुक्त रूप से ऐसा करने के मामले में भागवत चंद्रशेखर और जहीर खान के साथ दूसरे स्थान पर हैं, वहीं कपिल देव के सात बार पांच विकेट हॉल से केवल एक कम है. . बुमराह के नाम अब दक्षिण अफ्रीका में तीन टेस्ट में पांच विकेट हैं, जो जवागल श्रीनाथ के साथ भारत के लिए संयुक्त रिकॉर्ड भी है.
बुमराह ने केपटाउन में तीन टेस्ट मैचों में 16.33 के एवरेज से 18 विकेट अपने नाम किए हैं. यह एडिलेड ओवल में कपिल देव के 19 (3 मैच) के बाद किसी विदेशी वेन्यू पर भारत के लिए संयुक्त रूप से दूसरा सबसे शानदार प्रदर्शन है. कपिल ने कराची के नेशनल स्टेडियम में खेले गए चार टेस्ट मैचों में 18 विकेट हासिल किए थे.
वहीं विदेशी गेंदबाजों (केपटाउन में ) केवल इंग्लैंड के कॉलिन बेलीथ ने न्यूलैंड्स में बुमराह से अधिक विकेट (25) हासिल किए हैं, उसके बाद शेन वार्न (17) और जेम्स एंडरसन (16) का नंबर है.
सबसे छोटे टेस्ट मैच के शतकवीर मार्करम
न्यूलैंड्स का मैदान बल्लेबाजों के लिहाज से नर्क साबित हुआ; हालांकि इन सबके बीच एडेन मार्करम ने शतक भी जड़ा. मार्करम ने 99 गेंदों में 100 रन जड़े. साउथ अफ्रका की ओर से सबसे तेज शतक बनाने का रिकॉर्ड एबी डीविलियर्स के नाम हैं, उन्होंने 2010 में भारत के खिलाफ सेंचुरियन में 75 गेंदों में ऐसा कारनामा किया था.
सबसे छोटा टेस्ट मैच
गेंदें फेंकी गईं मैच विजेता अंतर स्थान, साल
642 दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत भारत 7 विकेट केप टाउन, 2024
656 ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया पारी और 72 रन मेलबर्न, 1932
672 वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड इंग्लैंड 4 विकेट ब्रिजटाउन, 1935
788 इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड पारी और 21 रन मैनचेस्टर, 1888
792 इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया 61 रन लॉर्ड्स, 1888