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Mansoor Ali Khan Pataudi Birthday: एक आंख वाले टाइगर पटौदी ने ऐसे जमाई क्रिकेट के मैदान पर धाक

मंसूर अली खान पटौदी का शुमार भारत के बेहतरीन टेस्ट कप्तानों में किया जाता है. 1941 में आज ही के दिन (5 जनवरी) उनका भोपाल में जन्म हुआ था. महज 21 साल 77 दिन की उम्र में कप्तानी कर उन्होंने सबसे युवा कप्तान होने का गौरव हासिल किया था.

Mansoor Ali Khan Pataudi (Getty) Mansoor Ali Khan Pataudi (Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:26 AM IST

Mansoor Ali Khan Pataudi Birthday: क्रिकेट जगत में 'टाइगर' के नाम से मशहूर मंसूर अली खान पटौदी की एक जमाने में मैदान पर अलग ही धाक चलती थी. 1941 में आज ही (5 जनवरी) के दिन 'टाइगर पटौदी' का जन्म हुआ था. उन्हें नवाब पटौदी जूनियर के नाम से भी जाना जाता था. पटौदी ने एक हादसे में अपनी एक आंख गंवा दी थी. इसके बाद उन्होंने एक आंख से ही करीब 14 साल तक क्रिकेट में जमकर गेंदबाजों की धुलाई की.

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टाइगर पटौदी ने भारतीय टीम के लिए 46 टेस्ट मैच खेले. उन्हें तीन मैचों के बाद ही सीधे कप्तान बना दिया गया था. इसके बाद उन्होंने 40 मुकाबलों में भारतीय टीम की कमान संभाली थी. 2011 में नवाब पटौदी का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था. तब उनकी उम्र 70 साल थी.

टेस्ट डेब्यू से पहले गंवाई थी एक आंख

अपने टेस्ट डेब्यू से पहले काउंटी सीजन के दौरान टाइगर पटौदी के साथ इंग्लैंड के होव शहर में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें उनकी एक आंख पूरी तरह से काम करना बंद चुकी थी. उस हादसे में कार का शीशा उनकी दाईं आंख में जा घुसा और आंख की रोशनी चली गई थी. एक आंख की रोशनी गंवा चुके पटौदी को डॉक्टरों ने क्रिकेट खेलने से मना कर दिया था,  लेकिन पटौदी ने हार नहीं मानी. हादसे के पांच महीने के बाद 1961 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दिल्ली में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. 

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सिर्फ 3 टेस्ट के बाद बन गए थे कप्तान

अपनी पहली सीरीज में ही एक शतक और अर्द्धशतक जड़ने के बाद टाइगर पटौदी को भारतीय टीम के अगले वेस्टइंडीज दौरे के बीच में ही सीधा कप्तान बना दिया गया. महज 21 साल 77 दिन की उम्र में कप्तानी कर उन्होंने सबसे युवा कप्तान होने का गौरव हासिल किया था. सिर्फ 3 टेस्ट मुकाबलों के अनुभव के बाद ही वह सीधे कप्तान बन गए थे. दरअसर, नारी कॉन्ट्रैक्टर उस सीरीज में भारत के कप्तान थे, लेकिन उनके चोटिल होने के बाद टाइगर को टीम की कमान दे दी गई जो पहले दो टेस्ट में खेले भी नहीं थे.

मंसूर अली खान पटौदी (बाएं)

पटौदी उसके बाद लंबे समय तक भारतीय टीम के कप्तान बने रहे. उन्होंने 40 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की, जिसमें 9 में जीत और 19 में हार मिली. पटौदी की ही कप्तानी में भारतीय टीम ने 1968 में न्यूजीलैंड में अपनी पहली विदेशी जीत भी दर्ज की थी. टाइगर पटौदी ने 1975 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में अपने शानदार करियर का अंत किया.

टाइगर पटौदी का दमदार क्रिकेट करियर

दिसंबर 1961 में इंग्लैंड की टीम भारतीय दौरे पर आई हुई थी, इसी सीरीज में टाइगर पटौदी को भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका मिला. इसके बाद टाइगर पटौदी ने 14 साल तक भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला. पटौदी ने 46 टेस्ट मुकाबलों में 83 पारियों में 34.91 की औसत से 2793 रन बनाए. टाइगर पटौदी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक भी हैं. यह सभी शतक पटौदी ने सिर्फ बाईं आंख के सहारे बनाए.

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