
क्रीज पर उतरते ही धमाकेदार बल्लेबाजी कर सुर्खियां बटोरने की बात ही कुछ और है. क्रिकेट के मौजूदा दौर में ही नहीं, बल्कि गुजरे जमाने में भी इस तरह की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी देखने को मिली है. क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन इसलिए खास है क्योंकि ठीक 100 साल पहले (26 अगस्त, 1920) काउंटी ग्राउंड नॉर्थेम्प्टन में सरे के कप्तान पर्सी फेंडर ने नॉर्थेम्प्टनशायर के खिलाफ महज 35 मिनट में शतक पूरा कर लिया था.
दरअसल, काउंटी चैम्पियनशिप में पर्सी फेंडर ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का सबसे तेज शतक पूरा किया था. क्रीज पर सबसे सबसे कम समय बिताकर शतक पूरा करने का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है. हालांकि 1983 में लंकाशायर के पुछल्ले बल्लेबाज स्टीव ओसौघनेसी उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी.
उस अविश्वसनीय शतकीय पारी के दौरान फेंडर ने नाबाद 113 रन (16 चौके, 5 छक्के) रन बनाए थे. उन्होंने महज 42 मिनट में एलन पीच के साथ 171 रनों की अटूट साझेदारी की थी, उनके सीनियर पार्टनर एलन पीच ने उस पारी में नाबाद दोहरा शतक जरूर जमाया, लेकिन फेंडर की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दौरान वह दर्शक बने रहे.
हालांकि कहा जाता है कि फेंडर की तूफानी पारी के दौरान नॉर्थेम्प्टनशायर के फील्डरों ने जानबूझकर खराब क्षेत्ररक्षण की, ताकि सरे अपनी पारी जल्दी घोषित कर दे. सरे ने आखिरकार 5 विकेट पर 619 रन बनाकर पारी घोषित की और फेंडर की पारी रिकॉर्ड बुक मे शामिल हो गई.
दूसरी तरफ, 1983 में जब लंकाशायर के स्टीव ओसौघनेसी ने इतने ही मिनट (35) में शतक जमाकर फेंडर के रिकॉर्ड की बराबरी की, तो कहा कहा गया कि डेविड गॉवर और जेम्स व्हिटकर ने जानबूझकर फुल टॉस गेंदे डालकर ओसौघनेसी को लंबे-लंबे शॉट खेलने के लिए जगह दे दी थी.
ओसौघनेसी इस रिकॉर्ड की बराबरी को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे, लेकिन फेंडर ने उन्हें टेलीग्राम कर बधाई दी थी. पर्सी फेंडर ने 557 मैचों के फर्स्ट क्लास करियर में इंग्लैंड की ओर से 13 टेस्ट मैच भी खेले. 1985 में उनका निधन हुआ