
Ravichandran Ashwin Retirement Real Story: रविचंद्रन अश्विन इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन वह अपने पीछे कई कहानियां छोड़ गए हैं, और उसके साथ कई सवाल भी. उनके रिटायरमेंट को लेकर कई वर्जन (बयान) हैं. एक कप्तान रोहित का, जो उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया- अश्विन संन्यास लेने का मन बना चुके थे. दूसरा खुद अश्विन का, जिसमें उन्होंने कहा कि अब वह अपने क्रिकेट के बचे हुनर को क्लब लेवल के क्रिकेट में दिखाएंगे, यानी आईपीएल (IPL) 2025 में...चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में.
एक और वर्जन है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दौरे से पहले ही अपने इस कदम के बारे में अपने परिवार को जानकारी दे दी थी. 18 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट जैसे ही ड्रॉ पर खत्म हुआ और अश्विन ने रिटायरमेंट का ऐलान किया, इसके बाद फैन्स तो हैरान रह गए. वहीं, खुद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और स्पिनर नाथन लायन 'शॉक्ड' रह गए. सुनील गावस्कर ने यहां तक कह दिया कि रिटायरमेंट बीच सीरीज नहीं लेना चाहिए था.
अश्विन फिलहाल मेलबर्न टेस्ट के बाद चेन्नई आ चुके हैं, इस दौरान आज (19 दिसंबर) मीडिया से कहा कि अब वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल खेलना चाहते हैं और लंबे समय तक. लेकिन अश्विन के 'अचानक संन्यास' को लेकर कई सवाल हैं, जिसको जानने की कोशिश करते हैं. वहीं उम्मीद है अश्विन खुद भी इस बारे में विस्तार से अपने यूट्यूब चैनल पर भी बताएंगे.
सवाल यह है कि क्या 38 साल के अश्विन ने वाकई ठीक समय पर संन्यास लिया? क्या अश्विन की टीम में जगह नहीं बन रही थी? क्या वाकई उनके अंदाजा हो गया था कि अब वह आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में अपना जौहर नहीं दिखा पाएंगे?
वैसे बीच सीरीज क्रिकेट से संन्यास का चलन कोई नया नहीं है, धोनी ने 2014 में ही ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज के दौरान ऐसा किया. अनिल कुंबले ने उनसे पहले 2008 में इसी तरह से रिटायरमेंट घरेलू टेस्ट सीरीज के बीच में लिया था. इन सब में नोटिस करने वाली बात यह है कि अश्विन, धोनी और कुंबले के संन्यास ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 'बीच सीरीज' में ही हुए.
अश्विन ने रिटायरमेंट के दौरान कहा- यह मेरा बतौर भारतीय खिलाड़ी इंटरनेशल लेवल पर आखिरी मैच है, मेरे अंदर अभी क्रिकेट के कुछ पंच बचे हैं, जिसे मैं क्लब लेवल के क्रिकेट में दिखाऊंगा. इस दौरान अश्विन ने रोहित शर्मा, विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अंजिक्य रहाणे को उनके कैचों को लेकर याद किया. वहीं रोहित ने भी उनके संन्यास को लेकर कहा कि वह पर्थ टेस्ट के दौरान इस बात को लेकर मूड बना चुके थे कि अब वह क्रिकेट को अलविदा कहेंगे.
रोहित जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए तो उन्होंने यह बात साफ कर दी कि अश्विन को यह बात पता थी कि टीम का कॉम्बिनेशन आने वाले समय में क्या होगा? खुद टीम के दूसरे स्पिनर्स (अश्विन, जडेजा, वॉशिंगटन) को नहीं पता था कि टीम में किसकी जगह बनेगी. पिच की कंडीशन क्या होंगी, उसी आधार पर फैसला होगा.
रोहित ने इस दौरान यह बात साफ कर दी कि वह जब यहां आए (पर्थ टेस्ट के बाद एडिलेड में शामिल हुए) तो उन्होंने अश्विन को एडिलेड में होने वाले पिंक टेस्ट के लिए मनाया.
यह कहने के तुरंत बाद रोहित रुके और फिर कुछ देर बाद खुद ही बोले- अश्विन ने उनसे कहा कि अगर उनकी टीम को जरूरत नहीं है तो वह इस गेम (क्रिकेट) को गुडबाय कह देते हैं. रोहित ने अंत में कहा- हम कहा उनके इस चीज की रेस्प्केट करते हैं.
अश्विन अगर संन्यास नहीं लेते तो भी नहीं खेल पाते ऑस्ट्रेलिया में मैच
अश्विन के संन्यास लेने के बाद जब रोहित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे तो वह बार-बार पिच की कंडीशन्स को लेकर बात कर रहे थे. यानी टीम किस कॉम्बिनेशन से खेलने उतरेगी, इस बारे में फैसला अंतिम समय में होना था.
वहीं, ऑस्ट्रेलिया की जिस तरह की परिस्थिति हैं, उस लिहाज से टीम में एक स्पिनर से ज्यादा खेलने का विकल्प बन भी नहीं रहा था. इस टेस्ट सीरीज में भारत ने हर टेस्ट में अपने स्पिनर को बदला. पर्थ में वॉशिंगटन सुंदर खेले, जहां उन्होंने कुल 17 ओवर किए और दोनों पारियों में 2 विकेट झटके और कुल 33 रन भी बनाए. सुंदर ने पहली पारी में महज 2 ओवर किए. यह मुकाबला भारत ने 295 रनों से जीता.
इसके बाद एडिलेड टेस्ट में अश्विन खेलने उतरे, जहां भारतीय टीम को 10 विकेट से हार मिली. अश्विन ने इस मैच में पहली पारी में 18 ओवर किए 53 रन देकर मिचेल मार्श को आउट किया.
फिर ब्रिस्बेन (गाबा) टेस्ट में एक बार टीम इंडिया ने बदलाव किया और रवींद्र जडेजा को खेलने उतार दिया, अश्विन बाहर रहे. जडेजा ने 23 ओवर किए और 95 रन दिए, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला, जडेजा बल्ले से जरूर सफल रहे और उन्होंने 77 रन बना दिए.
यानी एक बात तो साफ है कि टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर किसी भी स्पिनर को लेकर कॉन्फिडेंस में नहीं थी. यही कारण था कि हर मैच में बदलाव किया गया. वहीं अश्विन के पिंक बॉल से आंकड़े शानदार थे, इसी कारण उनको एडिलेड में चुना गया था. एक और वजह है कि अगर अश्विन गाबा टेस्ट के बाद संन्यास नहीं लेते तो इस बात की कोई गारंटी नहीं थी कि मेलबर्न और सिडनी में उनको जगह मिलती.
मेलबर्न और सिडनी में ऐसा रहा है अश्विन का रिकॉर्ड
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) के आने वाले 2 टेस्ट मेलबर्न और सिडनी में होने हैं. मेलबर्न में अश्विन के नाम 3 टेस्ट में 14 विकेट हैं, वहीं उन्होंने यहां 20.75 के एवरेज से 83 रन बनाए हैं.
वहीं सिडनी में अश्विन ने 3 मैचों में 182 रन 36.40 के एवरेज से बनाए हैं. यहां उनके नाम 7 विकेट भी हैं. इसमें सिडनी का 2021 का वो ऐतिहासिक ड्रॉ भी शामिल है.
लेकिन जिस तरह से BGT सीरीज 1-1 से बराबर है, उससे इस बात की गारंटी तो है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम सिडनी और मेलबर्न में भी तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच बनवाती. ऐसे में स्पिनर एक ही खेल पाता.
अश्विन का रिटायरमेंट स्पीच का वीडियो
तो अश्विन जून में खेलते टेस्ट सीरीज...
WTC 2023-25 की इस साइकिल का फाइनल 11 से 15 जून को लॉर्डस में होना है. संभवत: अगर भारतीय टीम इसके लिए क्वालिफाई करती तो भी रोहित ब्रिगेड एक ही स्पिनर के साथ ही उतरती. क्योंकि लॉर्ड्स की पिच पेसर फ्रेंडली है. वहीं अश्विन को अब अगला मौका इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में मिलता, जो अगले साल 20 जून से शुरू होनी है, तब भारतीय टीम 5 टेस्ट मैच खेलती. लेकिन इस सीरीज में इंग्लिश कंडीशन्स में एक ही स्पिनर खेलने का विकल्प बन पाता, ऐसे में अश्विन को इस बात का अनुमान था कि उनका आने वाले समय में खेलना थोड़ा मुश्किल था.
अश्विन के विदेश में आंकड़े रहे हैं निराशाजनक
अश्विन के साथ एक चीज बेहद दिलचस्प रही कि उन्होंने अपने टेस्ट डेब्यू के बाद कोई भी इस फॉर्मेट का मुकाबला मिस नहीं किया है. 6 नवंबर 2011 को उन्होंने टेस्ट डेब्यू वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था. उसके बाद से जब भी टीम इंडिया घरेलू सरजमीं पर खेली, अश्विन के आंकड़े शानदार रहे. लेकिन विदेशी धरती पर उनके आंकड़े घरेलू क्रिकेट की तुलना में धाकड़ नहीं थे.
भारत में टेस्ट मैच आंकड़े
65 टेस्ट, 127 पारीख् 2938.0 ओवर, 614 मेडन, 383 विकेट, 1989 रन, 4 शतक
विदेशी धरती पर अश्विन के आंकड़े
40 टेस्ट, 71 पारी, 1578.0 ओवर, 283 मेडन, 150 विकेट, 1485 रन, 2 शतक
न्यूट्रल वेन्यू पर अश्विन के आंकड़े
1 टेस्ट, 2 पारी, 25.0 ओवर ओवर, 10 मेडन, 4 विकेट, 29 रन (यह टेस्ट साउथैम्पटन में हुआ WTC Final 2021 का मैच था. )
टीम इंडिया में बढ़ रहे अश्विन के विकल्प
वैसे हाल के कुछ सालों में रवींद्र जडेजा टेस्ट बल्लेबाज के रूप में अश्विन से आगे निकल गए. जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी हाल में अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया. हालांकि सुंदर की तुलना अश्विन से नहीं हो सकती है.
दूसरी ओर हालिया कुछ साल देखे जाएं तो इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट में नंबर 8 के रूप में स्पिनर की तुलना में चौथे तेज गेंदबाज को प्राथमिकता मिलने लगी थी. ऐसे में अश्विन जो भारत में डेब्यू के बाद हर टेस्ट खेले, लेकिन विदेशी धरती पर होने वाले कई मुकाबलों से वह बाहर रहे.
WTC फाइनल 2023 में में जब वह नंबर 1 ऑलराउंडर थे तो उनको टीम से बाहर रखा गया था, तब भी उनकी जगह जडेजा खेले थे. वैसे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा न होना कोई ऐसी बात नहीं है, जिस पर कोई खिलाड़ी बैर भाव रखे, लेकिन जब आपके करियर का अंतिम फेज चल रहा हो तो हर खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनना पसंद करता, अश्विन भी बेशक ही ऐसा करना चाहते होंगे.
जब भी जड़ा अश्विन ने शतक, भारत कभी नहीं हारा
वहीं अश्विन ने हाल में सितंबर में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच में अपने होम ग्राउंड पर शानदार शतकीय पारी (113) खेली. उन्होंने रवींद्र जडेजा (86) के साथ 199 रनों की पार्टनरशिप की थी. इस मैच में भारतीय टीम एक समय पहली पारी में 144/6 पर संघर्ष कर रही थी. बाद में अश्विन ने इस मैच में 6 विकेट भी झटके और टीम इंडिया की 280 रनों से जीत में अहम भूमिका निभाई. वैसे अश्विन ने जब भी भारत की ओर टेस्ट में शतक जड़ा, टीम इंडिया कभी भी मुकाबले को हारी नहीं.
अश्विन के टेस्ट शतक
103 रन बनाम वेस्टइंडीज, मुंबई, 2011 (ड्रॉ)
124 रन बनाम वेस्टइंडीज, कोलकाता, 2013 (जीत)
113 रन बनाम वेस्टइंडीज, नॉर्थ साउंड, 2016 (जीत)
118 रन बनाम वेस्टइंडीज, सेंट लूसिया, 2016 (जीत)
106 रन बनाम इंग्लैंड, चेन्नई, 2021 (जीत)
113 रन बनाम बांग्लादेश, चेन्नई, 2024 (जीत)
अश्विन का टेस्ट क्रिकेट का रिकॉर्ड
गेंदबाजी- 106 टेस्ट, 537 विकेट, 7/59 पारी में बेस्ट बॉलिंग, 13/140 मैच में बेस्ट बॉलिंग, 24.00 एवरेज
बल्लेबाजी- 106 टेस्ट, 151 पारी, 3503 रन, 124 उच्चतम, 25.75 एवरेज
अश्विन का वनडे (ODI) क्रिकेट का रिकॉर्ड
गेंदबाजी: 116 मैच, 156 विकेट, 4/25 बेस्ट बॉलिंग, 33.20 एवरेज
बल्लेबाजी: 116 मैच, 63 पारी, 707 रन, 65 उच्चतम, 16.44 एवरेज
अश्विन का T20 इंटरनेशनल क्रिकेट का रिकॉर्ड
गेंदबाजी: 65 मैच, 72 विकेट, 4/8 बेस्ट बॉलिंग, 23.22 एवरेज
बल्लेबाजी: 65 मैच, 19 पारी, 184 रन, 31* उच्चतम, 26.28 एवरेज