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Rohit Sharma On BCCI New Rules: बीसीसीआई की नई गाइडलाइन्स से नाखुश रोहित शर्मा! प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिपोर्टर पर भड़के, कही ये बात

कप्तान रोहित शर्मा से बीसीसीआई की इन गाइडलाइन्स पर सवाल पूछा गया. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चैम्पियंस ट्रॉफी और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के ऐलान के लिए रखी गई थी. चैम्पियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम की कप्तानी रोहित शर्मा ही करने जा रहे हैं.

Rohit Sharma Rohit Sharma
aajtak.in
  • मुंबई,
  • 18 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

Rohit Sharma On BCCI New Rules: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मिली 1-3 की हार के बाद भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने काफी सख्त रवैया अपनाया. बीसीसीआई ने हार को गंभीरता से लेते हुए खिलाड़ियों के लिए सख्त नियम बनाए. साथ ही बीसीसीआई ने साफ कर दिया कि यदि कोई भी प्लेयर या स्टाफ इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे सजा भी मिलेगी. बीसीसीआई की ओर से कुल 10 गाइडलाइन्स बनाए गए हैं. आज तक के पास इसकी ऑफिशियल कॉपी है. हालांकि बीसीसीआई ने आधिकारिक रूप से इन नियमों को अभी रिलीज नहीं किया है.

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मुंबई में शनिवार (18 जनवरी) को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा से भी बीसीसीआई की इन गाइडलाइन्स पर सवाल पूछा गया. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस चैम्पियंस ट्रॉफी और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के ऐलान के लिए रखी गई थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित के साथ चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर भी मौजूद थे.

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा से जब इन नई गाइडलाइन्स पर सवाल हुआ तो उन्होंने रिपोर्टर पर झल्लाते हुए कहा, 'आपको इन नियमों के बारे में किसने बताया. क्या यह बीसीसीआई के ऑफिशियल हैंडल से आया है. इसे आधिकारिक तौर पर आने दें.'

'यह कोई स्कूल नहीं है...'

अजीत अगरकर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर बात की. अगरकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हर टीम के पास कुछ नियम होते हैं. हमने पिछले कुछ महीनों में कई चीजों के बारे में बात की है, जहां आप एक टीम के रूप में सुधार कर सकते हैं. आप एक टीम के रूप में थोड़ा और करीब पहुंच सकते हैं. यह कोई स्कूल नहीं है. यह कोई सजा नहीं है. बस कुछ नियम होते हैं और जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो आप उन नियमों का पालन करते हैं. खिलाड़ी परिपक्व हैं. वे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने आप में सुपरस्टार हैं.'

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बीसीसीआई की 10 नई गाइडलाइन्स:

1. घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य
भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में जरूर खेलना होगा. यह अनिवार्य कर दिया गया है. इसी के आधार पर भारतीय टीम में प्लेयर का सेलेक्शन भी होगा.यदि किसी प्लेयर को किसी कारण से घरेलू क्रिकेट नहीं खेलना है, तो इसकी जानकारी बीसीसीआई को देनी होगी. इसके अलावा चेयरमैन ऑफ सेलेक्शन कमिटी से इसकी परमिशन लेनी होगी. साथ ही घरेलू क्रिकेट खेलने के साथ ही प्लेयर्स को अपनी फिटनेस भी बनाए रखनी होगी.

2. फैमिली के साथ नहीं कर पाएंगे यात्रा
यह भी सख्त नियम बनाया है कि हर एक खिलाड़ी को टीम के साथ ही यात्रा करनी होगी. यानी प्लेयर्स अपने परिवार के साथ ट्रैवल नहीं कर सकेंगे. इस नियम का उल्लंघन होने पर सख्त सजा भी मिलेगी. यदि उन्हें फैमिली के साथ या अलग से यात्रा करनी है तो हेड कोच और चेयरमैन ऑफ सेलेक्शन कमेटी से अनुमति लेनी होगी.

3. अब ज्यादा सामान साथ में नहीं ले जा सकेंगे
यात्रा के दौरान कोई भी खिलाड़ी ज्यादा सामान नहीं ले जा सकेगा. अगर आपके सामान का वजन ज्यादा हुआ तो आपको इसके लिए खुद ही पैसों का भुगतान करना होगा.

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4. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में अलग से सामान भेजना
हर एक खिलाड़ी को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बेंगलुरु में सामान या व्यक्तिगत वस्तु भेजने के लिए टीम मैनेजमेंट से सम्पर्क करना होगा. यदि अलग-अलग तरीके से कोई वस्तु भेजी जाती है, तब आने वाली एक्स्ट्रा लागत खिलाड़ी को वहन करनी होगी.

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5. किसी दौरे या सीरीज में निजी स्टाफ पर प्रतिबंध
निजी स्टाफ (जैसे- पर्सनल मैनेजर, शेफ, असिस्टेंट्स और सिक्योरिटी) पर किसी दौरे या सीरीज में प्रतिबंध रहेगा. जब तक कि इसके लिए बीसीसीआई से परमिशन ना ली जाए.

6. प्रैक्टिस सेशन के दौरान मौजूद रहना होगा
बीसीसीआई ने यह भी सख्त नियम बनाया है कि अब हर एक खिलाड़ी को प्रैक्टिस सेशन के दौरान मौजूद रहना ही होगा. कोई भी खिलाड़ी प्रैक्टिस सेशन को जल्दी छोड़कर नहीं जा सकेगा. सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर टीम के साथ ही जाना होगा. भारतीय बोर्ड ने खिलाड़ियों के बीच बॉन्डिंग के लिए यह नियम बनाया है.

7. खिलाड़ी विज्ञापन नहीं कर सकेंगे
खिलाड़ियों को अब सीरीज और अलग-अलग दौरे पर पर्सनल शूट की इजाजत नहीं होगी. इस दौरान कोई भी खिलाड़ी विज्ञापन नहीं कर पाएगा. बोर्ड ने ये फैसला इसलिए लिया है जिससे खिलाड़ियों का ध्यान न भटके.

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8. विदेशी दौरे पर फैमिली के साथ ज्यादा समय नहीं रहेंगे
विदेशी दौरे पर अगर कोई खिलाड़ी 45 दिनों तक रहता है तो उनकी पत्नी और 18 साल से छोटी उम्र का बच्चा एक सीरीज में दो हफ्ते के लिए उनके साथ रह सकते हैं. इस दौरान BCCI ही उनके रहने का खर्च उठाएगी, लेकिन बाकी सारा खार्च खिलाड़ी को उठाना होगा. दूसरी ओर कोच और कप्तान के साथ बातचीत के बाद ही कोई भी (परिजन या अन्य कोई) एक फाइनल तारीख को खिलाड़ी के पास आ सकता है. वहीं इस दौरान अगर कोई खिलाड़ी नियम तोड़ता है तो कोच, कप्तान और जीएम ऑपरेशन इसके जिम्मेदार होंगे. इसके अलावा समयसीमा खत्म होने के बाद का खर्च खिलाड़ी खुद उठाएगा.

9. ऑफिशियल शूट और फंक्शन में हिस्सा लेना होगा
जब भी बीसीसीआई के ऑफिशियल शूट, प्रमोशन और अन्य किसी तरह प्रोग्राम होते हैं तो उसमें हर खिलाड़ी को हिस्सा लेना होगा. ये फैसला खेल को बढ़ावा और हितधारकों के फायदे के लिए लिया गया है.

10. सीरीज खत्म होने पर घर जल्दी नहीं आ सकेंगे खिलाड़ी
हर खिलाड़ी को दौरे के खत्म होने तक टीम के साथ रहना होगा. सीरीज जल्दी खत्म होने पर भी खिलाड़ी को टीम के साथ रहना होगा. हर एक प्लेयर टीम के साथ ही तय तारीख पर लौटेगा. इस दौरान कोई भी खिलाड़ी जल्दी घर नहीं जा पाएगा.

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गाइडलाइन्स के आखिर में कहा गया है कि सभी खिलाड़ियों से उपरोक्त दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपेक्षा की जाती है. अगर कोई खिलाड़ी इसमें से किसी भी चीज का पालन नहीं कर पाता है तो उसे चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच से इसकी परमिशन लेनी होगी. इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी इसमें गलती करते हुए पकड़ा जाता है तो उसपर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. अगर कोई खिलाड़ी इन गाइडलाइन्स का सही ढंग से पालन नहीं करता है तो बोर्ड उसे टूर्नामेंट्स, सीरीज और यहां तक की IPL में भी नहीं खेलने देगा. इसके अलावा बोर्ड उनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म कर सकता है.

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