
Sachin Tendulkar Deep Fakes: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भी डीपफेक का शिकार हुए हैं. सचिन का एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो किसी गेमिंग ऐप का प्रचार करते दिखाई दे रहे हैं. मगर सचिन ने खुद इस एक पोस्ट शेयर कर इस वीडियो को फेक बताया है.
सचिन की इस पोस्ट पर अब केंद्रीय कैबिनेट मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने भी अपना बयान दिया है. राजीव ने सचिन की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए कहा कि डीपफेक समाज के लिए काफी घातक हो सकता है. इस पर सभी प्लेटफॉर्मों को सख्त रहने और नियमों का सख्त पालन करने की जरूरत है. इस पर कड़ा नियम भी बनाया जा सकता है.
सचिन को रिप्लाई में क्या कहा राजीव ने?
बता दें कि मोदी सरकार में राजीव चंद्रशेखर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं.
उन्होंने सचिन को रिप्लाई देते हुए लिखा- इस पोस्ट के लिए सचिन का धन्यवाद. AI के द्वारा फैलाई जा रही ये डीपफेक और झूठी जानकारियां भारतीय यूजर्स के विश्वास और उनकी सुरक्षा के लिए घातक हैं. साथ ही ये कानून का उल्लंघन भी करती हैं. इन्हें रोकने या हटाने के लिए एक प्लेटफॉर्म की आवश्यकता होती है.
मंत्रालय की सलाह के मुताबिक, इन्हें रोकने के लिए सभी प्लेटफॉर्मेंट को नियमों का 100% पालन करने की जरूरत है. इसके अलावा सभी प्लेटफॉर्मों के द्वारा सभी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हम जल्द ही IT अधिनियम के तहत कड़े नियमों को अधिसूचित करेंगे.
सचिन ने खुद पोस्ट के जरिए वीडियो को फेक बताया
बता दें कि सचिन को डीपफेक वीडियो में गेमिंग से जुड़े एक एप्लिकेशन (ऐप) का प्रचार करते हुए दिखाया गया है. यह एप्लिकेशन उपयोगकर्ताओं को आसानी से पैसे कमाने का लालच देता है. वीडियो के जरिए यह झूठा दावा भी किया गया है कि सचिन की बेटी सारा भी गेम को खेलकर पैसे कमा रही हैं.
सचिन तेंदुलकर ने X पर लिखा, 'ये वीडियो फर्जी हैं. टेक्नोलॉजी का इस तरह से दुरुपयोग परेशान करने वाला है. सभी से अनुरोध है कि वे इस तरह के वीडियो, विज्ञापन और ऐप की बड़ी संख्या में रिपोर्ट करें.'
सचिन की बेटी सारा भी हो चुकी हैं डीपफेक का शिकार
वीडियो में उपयोग की गई आवाज सचिन से मिलती-जुलती है. तेंदुलकर ने आगे लिखा,'सोशल मीडिया मंचों को शिकायतों के प्रति सतर्क और उत्तरदायी होने की जरूरत है. गलत सूचना और डीपफेक के प्रसार को रोकने के लिए उनकी तरफ से त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है.'
सचिन से पहले सारा तेंदुलकर भी डीपफेक का शिकार हो चुकी हैं. सारा का एक फर्जी फोटो काफी वायरल हुआ था, जिसमें वो स्टार क्रिकेटर शुभमन गिल के गले में हाथ डाले नजर आ रही थीं.
इंटरनेशनल क्रिकेट में लगा चुके हैं 100 शतक
50 साल के सचिन तेंदुलकर ने 664 इंटरनेशनल मैचों में रिकॉर्ड 34 हजार 357 रन बनाए. इस दौरान सचिन के बल्ले से 100 शतक और 164 अर्धशतक निकले. सचिन तेंदुलकर ने गेंदबाजी में भी कमाल दिखाते हुए 201 विकेट अपने नाम किए.
सचिन तेंदुलकर ने भारतीय टीम के लिए कुल 6 वर्ल्ड कप खेले हैं. 2011 वर्ल्ड कप सचिन के लिए काफी यादगार रहा था, जहां एमएस धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने खिताबी जीत हासिल की. सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.
क्या होता है डीपफेक?
डीपफेक को एक स्पेशल मशीन लर्निंग के जरिए बनाया जाता है. इसे डीप लर्निंग भी कहा जाता है. यह वीडियो और फोटो दोनों फॉर्मेट में हो सकता है. इस डीप लर्निंग के जरिए कम्प्यूटर दो अलग-अलग फोटो या वीडियो को एक जैसा बना देता है. इस तरह के फोटो या वीडियो में हिडेन लेयर्स होते हैं, जिन्हें सिर्फ एडिटिंग सॉफ्टवेयर से ही देखा जाता है.
यही वजह होती है कि डीपफेक फोटो या वीडियो फेक होते हुए भी एकदम रियल जैसे नजर आते हैं. जैसे एक्ट्रेस रश्मिका मंधाना के मामले में हुआ था. किसी और लड़की के चेहरे पर मंधाना का चेहरा फिट कर दिया था. इसे पहचान पाना भी मुश्किल लग रहा था.