
टी-20 वर्ल्ड कप 2022 का फाइनल मुकाबला कम स्कोर के बावजूद रोमांचक रहा. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 137 का स्कोर बनाया, फाइनल हो या कोई भी और मुकाबला यह स्कोर कम ही माना जाएगा. लेकिन फाइनल का दबाव आपको इसे बचाने की ताकत भी देता है, इंग्लैंड ने मेलबर्न में खेले गए फाइनल मैच में इस लक्ष्य को हासिल किया और दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया.
पाकिस्तान मैच हारा तो एक चर्चा बार-बार निकलकर सामने आई कि तेज़ गेंदबाज शाहीन शाह आफरीदी अगर चोटिल ना हुए होते तो मैच का नतीजा कुछ और होता. मेलबर्न मैदान के बाहर खड़े पाकिस्तानी फैन से लेकर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम तक हर किसी ने यही तर्क दिया. लेकिन जिस परिस्थिति में यह सबकुछ हुआ उससे ऐसा प्रतीत नहीं होता है क्योंकि मैच तब भी इंग्लैंड के हाथ में था और जीत लगभग पक्की ही थी.
फाइनल का स्कोरबोर्ड
पाकिस्तान- 137/8 (20 ओवर)
इंग्लैंड- 138/5 (19 ओवर)
क्लिक करें: चहल-धवन-पृथ्वी... टीम इंडिया के वो 5 ब्लंडर, जिसने एक साल में दो वर्ल्ड कप हरवा दिए
शाहीन के चोटिल होने की वजह से हारा पाकिस्तान?
टी-20 वर्ल्ड कप जब शुरू हुआ तब शाहीन शाह आफरीदी खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और पहले दो मैच में कोई बड़ी सफलता नहीं ले पाए थे. लेकिन आखिर में आकर उन्होंने फॉर्म में कमाल की वापसी की और अपनी टीम में जान फूंक दी. जुलाई में चोट लगने के बाद कुछ वक्त शाहीन आफरीदी मैदान से बाहर रहे थे और यहां वर्ल्ड कप में वापसी कर रहे थे.
फाइनल से पहले उनकी फॉर्म आ चुकी थी और पाकिस्तान को कम लक्ष्य को बचाना था. शाहीन आफरीदी ने ही पाकिस्तान को पहली सफलता भी दिलवाई थी, लेकिन मैच में एक पल ऐसा आया जब उन्हें चोट लगी और मैदान से बाहर जाना पड़ा. इंग्लैंड की पारी के 13वें ओवर में जब हैरी ब्रूक का विकेट गिरा तो शाहीन ने ही उनका कैच पकड़ा, लेकिन इस दौरान वह खुद को चोटिल करवा बैठे. इस दौरान उन्हें मैदान से बाहर ले जाया गया, वह काफी दर्द से कराह रहे थे.
शाहीन ने कुछ देर बाद मैदान में वापसी की, 16वें ओवर की शुरुआत भी की. लेकिन एक बॉल फेंकने के बाद वह बॉलिंग नहीं कर पाए और वापस लौट गए. पाकिस्तानी कप्तान बाबर आजम के मुताबिक, यही मैच का टर्निंग प्वाइंट था और पाकिस्तान के हाथ से मैच निकल गया था. इस वक्त इंग्लैंड का स्कोर 97/4 था, उसे 30 बॉल में सिर्फ 41 रनों की जरूरत थी. इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स और मोइन अली की जोड़ी क्रीज पर थी.
इसके बाद मैच में क्या हुआ?
शाहीन आफरीदी मैदान से बाहर गए तो उनकी जगह इफ्तिखार अहमद ने उनका ओवर पूरा किया और इसी जगह गेम पलट गया. इस ओवर में ही कुल 13 रन आ गए और फिर इंग्लैंड ने मानो दबदबा बना लिया और अगले ओवर में 16 रन लूटकर इंग्लैंड ने अपनी जीत पक्की कर ली और अंत में मैच भी जीत लिया.
पाकिस्तान की इसी थ्योरी को बहाना बताया जा रहा है, क्योंकि मौजूदा वक्त में जिस तरह टी-20 क्रिकेट काम करता है उस हिसाब से 30 बॉल में 41 रन बहुत ज्यादा नहीं हैं. वह भी तब जब बेन स्टोक्स और मोइन अली क्रीज पर हों, जो बड़ी हिट लगाने का माद्दा रखते हैं. अगर इनका विकेट भी गिरता, तब इनके बाद इंग्लैंड के लिए खेलने के लिए लियाम लिविंगस्टोन, सैम कुरेन जैसे बड़े हिटर आने बाकी थे और इतना ही नहीं क्रिस जॉर्डन, आदिल रशीद भी लंबे शॉट खेल सकते थे.
यानी इंग्लैंड के पास 30 बॉल में 41 रन बनाने का मौका काफी लंबे वक्त तक था, ऐसे में शायद ही ऐसा होता कि शाहीन आफरीदी की कुछ बॉल बड़ा अंतर पैदा कर सकती थीं. हालांकि, शाहीन आफरीदी जिस तरह के गेंदबाज हैं और वह जैसी फॉर्म में थे वह कुछ भी कमाल कर सकते थे लेकिन पलड़ा इंग्लैंड का ही भारी था.
क्लिक करें: ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर अमांडा वेलिंगटन ने सूर्यकुमार के लिए किया ट्वीट, फैन्स बोले- फ्लर्ट चल रहा है
सुनील गावस्कर ने क्या कहा?
टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भी इस बात को माना कि शाहीन आफरीदी की चोट बहुत बड़ा अंतर नहीं पैदा करती. सुनील गावस्कर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि शाहीन के बाहर जाने से ज्यादा फर्क पड़ा, क्योंकि पाकिस्तान के पास रन काफी कम थे. अगर उन्होंने 150-155 रन के करीब बनाए होते तो शायद उनके बॉलर्स के पास मौका भी होता. सुनील गावस्कर बोले कि शाहीन आफरीदी की 10 बॉल बहुत ज्यादा अंतर पैदा कर सकती थीं, पाकिस्तान को एक-दो विकेट मिल सकते थे लेकिन फिर भी इंग्लैंड इस मैच को जीत जाता.
पाकिस्तान में कौन-क्या कह रहा है?
शाहीन शाह आफरीदी का चोटिल होना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है, ना सिर्फ वर्ल्ड कप पाइनल के लिए बल्कि शाहीन के करियर के लिए भी. पाकिस्तान के कुछ एक्सपर्ट्स ने माना है कि शाहीन आफरीदी की यह चोट अगर बहुत गंभीर है तो उनके करियर पर इसका असर पड़ सकता है. क्योंकि वह जुलाई में ही चोटिल हुए थे और कुछ महीने खेल से बाहर रहे थे, इसके बाद अब फिर यह चोट लग गई. एक तेज़ गेंदबाज़ के लिए यह बेहतर नहीं है वह भी तब जब उसकी उम्र सिर्फ 22 साल ही है.
मैच के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने माना था कि शाहीन आफरीदी अगर फिट होते और अपना कोटा पूरा कर पाते, तब शायद मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था. पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर, पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने भी इस बात का जिक्र किया कि शाहीन आफरीदी का चोटिल होना ही मैच का टर्निंग प्वाइंट था और इंग्लैंड वहां से जीत गया था.