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किसी खिलाड़ी ने जब खेल से दूरी ना बनाई हो, वो खेल रहा हो, परफॉर्म कर रहा हो और कह दे मुझे मौका मत दो, अब मेरी जगह उसको (शुभमन गिल) खिलाओ. यह कहना बहुत ही हिम्मत की बात है, मतलब एक बार सोचकर देखिए कोई कह रहा है मुझे मौका मिलता तो मैं खुद को ना चुनकर उसे (गिल) चुनता. इस तरह का जज्बा दिखाना आजकल की गलाकाट प्रतियोगिता के दौर में बिरलापन ही कह जा सकता है. ये जज्बात एक इंटरव्यू में शिखर धवन ने बयां किए थे, जो दिखाता है कि गब्बर का दिल अपनों से ज्यादा दूसरों के लिए धड़कता था, दूसरों की कद्र करता था.
शिखर धवन अब इंटरनेशनल क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर चुके हैं तो इस चीज पर बात होनी बनती है कि गब्बर क्यों खास थे? शिखर को मिस्टर ICC, परफेक्ट टीम मैन, यारों का यार क्यों कहा जाता था? बात मार्च 2023 की है, जब उनसे पूछा गया कि क्या आप वाकई शिखर पर या नीचे जा रहे हैं? तब शिखर का फॉर्म थोड़ा गड़बड़ हो चला था. सवाल पूछा गया शुभमन गिल के बारे में क्या कहेंगे (तब शुभमन गिल बतौर ओपनर जगह बना चुके थे, शिखर धवन टीम से बाहर थे)....
इस बात पर उन्होंने तब मुक्त कंठ से शुभमन गिल की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि अगर वह सेलेक्टर होते तो खुद शुभमन गिल की हो चुनते. इस दौरान जो भाव शिखर धवन के चेहरे से दिख रहे थे, वो साफ तौर पर एक बात तो दर्शा रहे थे कि वो वाकई टीममैन हैं. वह बिल्कुल भी अपने बारे में नहीं बल्कि टीम इंडिया को आगे रख रहे हैं.
आज (24 अगस्त 2024) जब शिखर ने संन्यास लिया तो भी उन्होंने एक बात सबसे अंत में कही, बोले- मैं खुद से यही बात कहता हूं कि तू इस बात से दुखी मत हो कि तू अपने देश के लिए फिर नहीं खेलेगा, पर इस बात की खुशी अपने पास रख कि तू देश के लिए खेला और यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है कि मैं खेला...
शिखर पिछले कुछ सालों में तमाम पारिवारिक झंझावत झेलते हुए नजर आए. परिवार से अलग हुए, बेटे जोरावर से अलग हुए, तलाक हुआ, लेकिन जब भी वह पब्लिक प्लेटफॉर्म पर दिखे या कोई इंटरव्यू दिया हो उनके चेहरे पर पॉजिटिव स्माइल हमेशा रही हो.
आईपीएल 2024 अगर किसी फैन ने देखा हो तो उसे यह बात अच्छी तरह से ध्यान होगी कि शिखर उस टूर्नामेंट में परिवार से अलग होने के बाद उतर रहे थे. जब कोहली से उनकी बीच मैदान में मुलाकात हुई तो शिखर के एकाकीपन को समझकर झप्पी दी. ठीक ऐसा ही अंदाज रोहित के साथ दिखा, जब रोहित उनसे मुल्लांपुर में मिले तो दोनों एक साथ डांस भी किया.
धवन का कोहली संग दिल्ली कनेक्शन शुरू से रहा है, ऐसे में दोनों में शुरुआत से एक तगड़ा रिश्ता रहा है. वहीं रोहित-धवन का याराना समय के साथ परवान चढ़ा. खुद हिटमैन कई बार खुले मंच से बयां कर चुके हैं कि शिखर के साथ उनकी बॉन्डिंंग अलग लेवल की थी. हाल में खुद रोहित ने कहा वह टीम में 'जट्ट जी' (शिखर) के साथ बस में बैठना पसंद करते थे. खुद धवन ने माना था कि 10 साल हम दोनों साथ में क्रिकेट खेले और वहां से हमारी दोस्ती बनी. शिखर ने वनडे में 2011 से 2022 के दौरान रोहित शर्मा के साथ मिलकर 5193 रन जोड़े. जो किसी भी जोड़ी द्वारा बनाए गए रनों में नंबर 5 पर है. रोहित ने यहां तक कहा कि जब शिखर अंडर 19 टूर्नामेंट खेलकर आए तो वह उनके फैन थे.
क्यों शिखर को कहा जाता था मिस्टर ICC
शिखर धवन को मिस्टर ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) कहा जाता था, यानी जब भी वो ICC के टूर्नामेंट में खेलते थे तो उनका रंग और ढंग बदल जाता था. शिखर धवन ने 2013 ICC चैंम्पियंस ट्रॉफी के दौरान 5 मैचों में 90.75 के एवरेज से 363 रन बनाए थे. भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट को जीता था, वहीं धवन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे.
शिखर धवन ने अपने करियर के दौरान 2015 के वर्ल्ड कप में 51.50 के एवरेज से 412 रन बनाए, जिसमें उनके दो शतक शामिल रहे. ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 में 5 मैचों में उन्होंने 1 शतक और 2 अर्धशतक के साथ 338 रन बनाए थे. उनके प्रदर्शन के कारण तब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी और टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी.
2019 वर्ल्ड कप में धवन ने 2 मैचों में 125 रन एक शतक के साथ बनाए थे. इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने शतक जड़ा था. उस मैच में धवन 25 रन पर अंगूठे को इंजर्ड करवा बैठे थे. इसके बावजूद उन्होंने दर्द को कम करने के लिए दवाई ली. इस इंजरी के कारण ही धवन वर्ल्ड कप से बाहर हो गए थे.
ICC 50 ओवर टूर्नामेंट (वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी) में उनका एवरेज 20 पारियों में 65.15 रहा. जहां उन्होंने छह शतक बनाए और दस बार 50 से ऊपर का स्कोर बनाया. इन टूर्नामेंटों में कम से कम 1000 रन बनाने वाले 51 बल्लेबाजों में, उनका औसत सबसे अच्छा है, जो कोहली के 64.55 से थोड़ा ज़्यादा है. धवन ने वर्ल्ड कप (दस पारियों) में 53.70 और चैंपियंस ट्रॉफी मैचों (दस पारियों) में 77.88 का एवरेज बनाया.
शिखर धवन का वो इकलौता रिकॉर्ड
शिखर धवन वनडे में सभी SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ) देशों में शतक बनाने वाले एकमात्र भारतीय सलामी बल्लेबाज हैं. 38 साल के धवन ने भारतीय टीम के लिए सबसे पहले 20 अक्टूबर 2010 को वनडे में आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया, जहां वह 0 पर आउट हुए.
फिर उन्होंने 2011 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ सुरेश रैना की कप्तानी में टी20 डेब्यू किया था. वहीं शिखर धवन ने ऑस्ट्रेलिया टेस्ट क्रिकेट के डेब्यू में तो ऐसा रिकॉर्ड बना डाला, जो आज तक कायम है.
शिखर धवन के नाम टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले किसी खिलाड़ी द्वारा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 2013 में हुए इस डेब्यू टेस्ट में 174 गेंदों पर 187 रन बनाए थे, उनकी पारी में 33 चौके और 2 छक्के शामिल थे. वहीं धवन के नाम टेस्ट डेब्यू में किसी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी है.
धवन ने दिया 13 साल लंबे करियर को विराम
शिखर धवन ने 13 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को बाय-बाय कह दिया है. धवन ने आखिरी बार इस साल अप्रैल में आईपीएल 2024 में पंजाब किंग्स की अगुआई करते हुए कोई प्रतिस्पर्धी मैच खेला था. उन्होंने 269 मैचों में 24 अंतरराष्ट्रीय शतक (वनडे में 17 और टेस्ट में सात) जड़े हैं.
धवन वनडे के महान खिलाड़ी रहे, क्योंकि इस फॉर्मेट के इतिहास में 40 से अधिक औसत और 90 से अधिक स्ट्राइक रेट से 5000 से अधिक रन बनाने वाले केवल आठ बल्लेबाजों में से एक हैं (रोहित शर्मा और विराट कोहली इस सूची में अन्य भारतीय हैं). दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद से उन्होंने भारत के लिए नहीं खेला. धवन ने भारत के लिए आखिरी टी20 इंटरनेशनल श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 29 जुलाई 2021 को खेला. यह मैच उन्होंने बतौर कप्तान खेला था. वहीं धवन का आखिरी टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ ओवल में सितंबर 2018 में रहा था.
शिखर धवन के कारनामे
शिखर धवन का इंटरनेशनल रिकॉर्ड:
टी20 इंटरनेशनल- 68 मैच, 1759 रन, 27.92 औसत, 11 अर्धशतक
वनडे इंटरनेशनल- 167 मैच, 6793 रन, 44.11 एवरेज, 17 शतक और 39 अर्धशतक
टेस्ट क्रिकेट- 34 मैच, 2315 रन, 40.61 औसत, सात शतक और 5 अर्धशतक
आईपीएल- 222 मैच, 6769 रन, 35.26 औसत, दो शतक और 51 अर्धशतक