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तिरुवनंतपुरम T-20 को बारिश से बचाने के लिए गणेश भगवान की पूजा

निर्णायक टी-20 मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में मैच को बारिश से बचाने के लिए लोग पजावनगड़ी गणपति मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं.

ग्रीन फील्ड स्टेडियम ग्रीन फील्ड स्टेडियम
विश्व मोहन मिश्र
  • तिरुवनंतपुरम,
  • 07 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 6:52 PM IST

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक टी-20 मैच पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में मैच को बारिश से बचाने के लिए लोग मंगलवार सुबह से ही पजावनगड़ी गणपति मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं.

कई श्रद्धालु केवल एक ही आस के साथ मंदिर में नारियल फोड़ रहे हैं और वह है आज शाम ग्रीनफील्ड स्टेडियम में टी-20 मैच का सफल आयोजन. 1988 के बाद पहली बार तिरुवनंतपुरम में अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन हो रहा है और इसे देखने के लिए सभी उत्सुक हैं.

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाला आखिरी और निर्णायक टी-20 मैच नए नवेले ग्रीनफील्ड स्टेडियम में शाम सात बजे से खेला जाएगा. आईएएनएस के मुताबिक पिछले दो दिनों से तिरुवनंतपुरम में भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने एक दिन पहले कहा था कि मंगलवार को भी दिन में और शाम पांच बजे के बाद बारिश हो सकती है.

पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि पजावनगड़ी गणपति मंदिर एक ऐसा मंदिर है, जहां प्रार्थना के साथ नारियल फोड़ने से बारिश का आगमन रोका जा सकता है. मंदिर पहुंचे युवाओं के एक समूह ने कहा, ‘यह भगवान का अपना देस (गाड्स ओन कंट्री) है और भगवान की कृपा रहेगी क्योंकि इस शहर में 30 साल के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन हो रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘यहां पिछली बार जब अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन हुआ था, तब तो वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का जन्म भी नहीं हुआ था और न ही हमारा.’ग्रीनफील्ड स्टेडियम में बारिश के दौरान पानी को सोखने के लिए अच्छी व्यवस्था है.

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आयोजकों का कहना है कि अगर बारिश होती भी है, तो इसके रुकने के 10 मिनट बाद ही मैदान मैच के लिए तैयार हो जाएगा. इस मैच के लिए अधिकांश टिकट बिक चुके हैं. 50,000 के करीब दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में 40,000 से भी अधिक टिकट बिक चुके हैं.

पिछले साल 2016 में हुए चुनाव में हार का सामना करने वाले कांग्रेस विधायक एम.ए. वाहिद के निर्वाचन क्षेत्र में इस मैच का आयोजन हो रहा है. इसे राजनीतिक मोड़ देते हुए वाहिद ने कहा कि 2012 में राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने अगर कदम नहीं उठाया होता, तो यह स्टेडियम आज सच बनकर सबके सामने नहीं होता.

तीन बार विधायक रह चुके वाहिद ने सोशल मीडिया पर मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, ‘उस दौरान माकपा की युवा शाखा के नेतृत्व वाले वामपंथी विपक्षी कार्यकर्ताओं ने स्टेडियम के निर्माण में बाधा डाली थी.’ भारत और न्यूजीलैंड की टीमें शाम पांच बजे स्टेडियम पहुंचेंगी.

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