Advertisement

Team India Rotation Policy: फूट गया बबल? रोटेशन पॉलिसी ला सकती है BCCI, प्लेयर्स को आराम देने की कोशिश

लगातार क्रिकेट खेल रही भारतीय टीम के बीच से बायो-बबल को लेकर कई सवाल खड़े किए गए थे. पूर्व कोच रवि शास्त्री हो या विराट-बुमराह जैसे खिलाड़ी हाल ही में कई तरह के बयान दिए गए हैं.

Rohit Sharma (Getty Images) Rohit Sharma (Getty Images)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST
  • रोटेशन पॉलिसी पर विचार कर सकता है BCCI
  • बायो-बबल को लेकर लगातार हो रही थी बहस

Team India Rotation Policy: टी-20 वर्ल्डकप से बाहर होने के बाद पूर्व कोच रवि शास्त्री ने बायो-बबल को लेकर तीखे तेवर अपनाए थे और साथ ही कहा था कि जिस दिन ये बबल फूटेगा तब काफी कुछ सहना पड़ेगा. रवि शास्त्री के अलावा जसप्रीत बुमराह, विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों ने भी बायो-बबल पर बयान दिया था. ऐसे में अब बीसीसीआई द्वारा कड़ा कदम उठाने की तैयारी की जा रही है. 

Advertisement

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई अब रोटेशन पॉलिसी पर जोर दे रहा है जिसकी शुरुआत न्यूजीलैंड सीरीज से ही की जा रही है. यही वजह है कि कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है, नए खिलाड़ियों को टीम के साथ जोड़ा गया है. इससे सीनियर्स को आराम और भविष्य की तैयारी दोनों साथ में ही करने की कोशिश की. 

अभी तक इंग्लैंड में बड़े स्तर पर रोटेशन पॉलिसी का इस्तेमाल किया गया है. जहां पर टेस्ट में एक कोर ग्रुप तैयार कर वनडे और टी-20 के अलग टीम बनाई गई. सीरीज दर सीरीज कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया गया, नए खिलाड़ियों को टीम में लाया गया. 

इनसाइड स्पोर्ट्स से एक बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि खिलाड़ियों की बातों पर ध्यान दिया जा रहा है, लगातार बायो-बबल में रहना आसान नहीं है इसलिए रोटेशन स्क्वॉड की जरूरत है. न्यूजीलैंड सीरीज इसकी शुरुआत होगी, घरेलू क्रिकेट में हमारे पास काफी टैलेंट है ऐसे में कोर-ग्रुप के अलावा ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिलेगा. 

Advertisement

अभी भी कई खिलाड़ियों को मिला आराम

आपको बता दें कि भारतीय टीम पिछले 1 साल से लगातार क्रिकेट खेल रही है, 6 महीने से तो खिलाड़ी बायो-बबल में ही हैं. ऐसे में आने वाला एक साल भी मैच से भरपूर है, इसलिए बीसीसीआई ने कई बड़े खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया गया है. विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत, मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ियों को आराम मिला है, रोहित शर्मा भी टेस्ट सीरीज के दौरान आराम लेंगे.

माना जा रहा है कि रोटेशन पॉलिसी के तहत ही श्रेयस अय्यर को टेस्ट टीम में लाया गया है. ताकि उन्हें भविष्य में टेस्ट टीम में फिट किया जा सके, ऐसे में अगर किसी सीनियर खिलाड़ी को आराम मिलता है तो वह तैयार हो सकते हैं. वहीं, इंडिया-ए के चयन में भी ऐसे खिलाड़ियों पर फोकस किया गया है जो अगले एक-दो साल में टीम इंडिया के साथ खेलने को तैयार होंगे.

गौरतलब है कि टी-20 वर्ल्डकप में भारतीय टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाब नहीं हुई थी. ऐसे में रवि शास्त्री ने अपनी विदाई के वक्त कहा था कि खिलाड़ी मानसिक, शारीरिक रुप से थके हुए हैं क्योंकि पिछले 6 महीने से ये सभी बायो-बबल में घूम रहे हैं. कई खिलाड़ी अपने परिवार से नहीं मिल पाए हैं, ऐसे में खिलाड़ी कोई मशीन नहीं हैं. 

Advertisement

पूर्व रवि शास्त्री बोले कि अगर टी-20 वर्ल्डकप और आईपीएल के बीच में कुछ रेस्ट होता तो अलग नतीजे हो सकते थे. रवि शास्त्री से पहले जसप्रीत बुमराह ने भी कहा था कि लगातार बबल में घूमना मुश्किल काम है, प्लेयर्स को भी ब्रेक की ज़रूरत होती है. 
 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement