
पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड दौरे में अब तक एक भी मैच नहीं जीत पाई है जिससे मिस्बाह उल हक पर दबाव बढ़ गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इस पूर्व कप्तान को तीनों प्रारूपों में मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता बनाए रखने की रणनीति पर पुनर्विचार कर सकता है.
पाकिस्तान ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 0-1 से गंवाई, जबकि टी20 सीरीज में अभी वह 0-1 से पीछे चल रहा है. तीन मैचों की सीरीज का पहला मैच बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था, जबकि दूसरा टी20 इंग्लैंड ने पांच विकेट से जीता था.
पूर्व में टेस्ट कप्तान, मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता रहे मोहसिन खान ने कहा, ‘तीसरे और अंतिम टी20 मैच का काफी महत्व है क्योंकि पहले ही यह आम राय बन रही है कि मिस्बाह मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारियां नहीं संभाल पा रहे हैं और वह भी तीनों प्रारूपों में,’
मिस्बाह के रहते हुए पाकिस्तान पिछले साल अक्टूबर से केवल दो मैच जीत पाया है और वह भी उसने बांग्लादेश के खिलाफ जीते. उसने श्रीलंका से तीनों मैच गंवाए, ऑस्ट्रेलिया ने उसे 2-0 से हराया और अब इंग्लैंड में भी उसे हार का सामना करना पड़ा है.
मोहसिन ने कहा, ‘जब मैं मुख्य चयनकर्ता था तो बोर्ड ने मुझे 2011 में अंतरिम मुख्य कोच बनाया, मैंने तब चेयरमैन एजाज बट से कहा कि वह मुझे मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दें क्योंकि मैं दोनों भूमिकाएं नहीं निभा सकता.’