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क्रिकेट इतिहास में सिर्फ 7 गैर-मुस्लिम क्रिकेटर हुए, जिन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर पाकिस्तानी टीम का प्रतिनिधित्व किया. इसमें एक नाम वालिस मैथियास का रहा. मैथियास पाकिस्तान के लिए खेलने वाले पहले गैर-मुस्लिम क्रिकेटर थे. साल 1935 में आज (4 फरवरी) ही के दिन मैथियास कराची के एक ईसाई परिवार में पैदा हुए थे.
डेब्यू पर शानदार पारी, स्लिप के बेहतरीन फील्डर
वालिस मैथियास को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था. स्कूली लेवल पर उन्होंने कराची के फेमस सेंट पैट्रिक हाई स्कूल के लिए शानदार प्रदर्शन किया. मैथियास इतने प्रतिभाशाली थे कि उन्होंने महज 20 साल की उम्र में नवंबर 1955 में ढाका में अपना टेस्ट डेब्यू कर लिया था. न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने डेब्यू पर मैथियास ने बल्ले से प्रभावित किया और पाकिस्तान की पहली पारी में नाबाद 41 रन बनाए.
उम्मीद थी कि वालिस मैथियास आगे चलकर और अच्छा प्रदर्शन करेंगे, लेकिन वो इंटरनेशनल क्रिकेट में मौकों को भुना नहीं पाए. मैथियास का इंटरनेशनल करियर सात सालों (1955-62) तक ही चला. उनका टेस्ट में यादगार प्रदर्शन साल 1958 में वेस्टइंडीज दौरे पर रहा, जहां उन्होंने लगातार दो मैचों में क्रमश: 73 और 77 रनों की पारी खेली थी.
वालिस मैथियास बैटिंग में उतने सफल नहीं हो पाए, लेकिन उन्होंने अपनी फील्डिंग से सुर्खियां बटोरीं. वो स्लिप में अक्सर फील्डिंग करते थे और करियर के दौरान कुछ अद्भुत कैच लपके. मैथियास उस दौर के बेहतरीन स्लिप फील्डरों में गिने जाते थे. तब पाकिस्तानी पेस अटैक भी शानदार हुआ करता था, ऐसे में स्लिप पोजीशन पर फील्डिंग आसान नहीं थी. लेकिन मैथियास के पास असाधारण सजगता थी और वो मुश्किल मौकों को भी आसान बना देते थे.
तेज गेंदबाजों की स्किल तो अक्सर सुर्खियों में रहती है, लेकिन स्लिप कॉर्डन में गुमनाम नायक ही मैच का रुख बदलने में अहम भूमिका निभाते हैं. वालिस मैथियास ने हमेशा ऐसा करके दिखाया. पाकिस्तान के पहले विकेटकीपर इम्तियाज अहमद भी मैथियास की प्रशंसा करते नहीं थकते थे. इम्तियाज ने उन्हें लेकर कहा था, 'वालिस पाकिस्तान के पहले अच्छे स्लिप फील्डर थे, जिन्होंने स्लिप कॉर्डन में माहौल बदल दिया.'
ऐसा रहा मैथियास का क्रिकेटिंग रिकॉर्ड
वालिस मैथियास ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 130 कैच लपके, जिसमें 22 कैच तो टेस्ट मैचों में आए. साल 1963 में उन्हें नेट प्रैक्टिस के दौरान उंगली में चोट लग गई. इसके चलते उनकी उंगली में थोड़ी विकृति आ गई और उनकी कैचिंग स्किल प्रभावित हुई. हालांकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खेलना जारी रखा और 1965-66 में रेलवे ग्रीन्स के खिलाफ कराची के लिए नाबाद 278 रन बनाए, जो उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बेस्ट स्कोर रहा.
मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज वालिस मैथियास के टेस्ट आंकड़े उनकी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं करते. मैथियास ने पाकिस्तान के लिए 21 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 23.72 के एवरेज से 783 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 3 अर्धशतक निकले. दाएं हाथ के बैटर मैथियास का टेस्ट में बेस्ट स्कोर 77 रन रहा. देखा जाए तो मैथियास का फर्स्ट क्लास करियर शानदार रहा. मैथियास ने 146 फर्स्ट क्लास मैचों में 44.49 की औसत से 7520 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 16 शतक और 41 अर्धशतक निकले.
वालिस मैथियास ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 13 विकेट भी चटकाए. मैथियास ने 1 लिस्ट-ए मुकाबला भी खेला जिसमें उन्होंने 51 रन बनाए. मैथियास डोमेस्टिक लेवल पर कराची, सिंध और नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान के लिए खेले. 1969-70 में वे नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान के पहले कप्तान भी बने थे. मैथियास 1976-77 के सीजन तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते रहे.
पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी और प्रशासक कर्नल शुजाउद्दीन बट ने वालिस मैथियास को लेकर कहा था, 'वालिस बहुत प्यारे इंसान थे. खिलाड़ियों के बीच एक राजकुमार, मैंने उन्हें कभी गुस्से में एक शब्द भी बोलते नहीं देखा. वे बहुत ईमानदार और सच्चे थे. वालिस शायद पाकिस्तान क्रिकेट के एकमात्र सज्जन इंसान थे.'
रिटायरमेंट के बाद वालिस मैथियास ने पाकिस्तान क्रिकेट में कोच, चयनकर्ता और मैनेजर का रोल भी निभाया. 1 सितंबर 1994 को 59 साल की आयु में वालिस मैथियास का निधन हुआ. ब्रेन हैमरेज के चलते मैथियास समय से पहले ही दुनिया को अलविदा कह गए.
इन गैर-मुस्लिम क्रिकेटरों ने भी पाकिस्तान का किया प्रतिनिधित्व
1. डंकन अल्बर्ट शार्प: एंग्लो-इंडियन डंकन शार्प ने पाकिस्तान के लिए तीन टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 22.33 की औसत से 134 रन बनाए. हालांकि डंकन का फर्स्ट क्लास थोड़ा बढ़िया रहा. डंकन ने 37 प्रथम श्रेणी मैचों में 27.33 की औसत से 1531 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल रहे.
2. एंटाओ डिसूजा: गोवा में पैदा हुए डिसूजा ने पाकिस्तान के लिए छह टेस्ट मैचों में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने 38 की औसत से 76 रन बनाए और 17 विकेट भी हासिल किए. खास बात यह रही कि डिसूजा का बल्लेबाजी औसत उनके उच्चतम स्कोर (नाबाद 23 रन) से ज्यादा था.
3. सोहेल फजल: ईसाई धर्म को मानने वाले इस क्रिकेटर ने पाकिस्तान टीम के लिए दो वनडे मुकाबले खेले, जिसमें उनके नाम पर कुल 56 रन दर्ज हैं. फजल ने दूसरा एवं आखिरी वनडे मुकाबला भारत के खिलाफ शारजाह में खेला था. उस मैच में उन्होंने तीन गगनचुंबी सिक्स लगाकर पाकिस्तान को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की थी.
4. यूसुफ योहाना (अब मोहम्मद यूसुफ): पाकिस्तान क्रिकेट के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक कहे जाने वाले मोहम्मद यूसुफ पहले यूसुफ योहाना के नाम से जाने जाते थे. यूसुफ ने 90 टेस्ट मैचों में 7530 और 288 वनडे इंटरनेशनल में 9720 रन बनाए. यूसुफ के बल्ले से इंटरनेशनल क्रिकेट में 39 शतक और 97 अर्धशतक निकले. साल 2005 में उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था.
5. अनिल दलपत: विकेटकीपर बल्लेबाज अनिल दलपत ने पाकिस्तान के लिए कुल मिलाकर 9 टेस्ट और 15 वनडे मुकाबले खेले. अनिल ने टेस्ट क्रिकेट में 15.18 की औसत से 167 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा. वहीं वनडे इंटरनेशनल में वह सिर्फ 87 रन बना सके. टेस्ट मैचों में दलपत ने विकेट के पीछे 25 शिकार किए.जबकि वनडे इंटरनेशनल में उनके नाम पर 15 शिकार दर्ज हैं. अनिल दलपत पाकिस्तान के लिए खेलने वाले पहले हिन्दू क्रिकेटर हैं.
6. दानिश कनेरिया: दानिश कनेरिया टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पाकिस्तानी स्पिनर हैं. इस लेग-स्पिनर ने पाकिस्तान के लिए कुल 61 टेस्ट मैचों में 261 विकेट लिए. कनेरिया ने 8 एकदिवसीय मैचों में भी पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें उनके नाम पर 15 विकेट दर्ज हैं. दानिश पाकिस्तान के लिए खेलने वाले दूसरे एवं आखिरी हिंदू क्रिकेटर हैं.