
India vs Pakistan Foreign Spinners: भारत और पाकिस्तान... दो ऐसे टीमें, जिनके बल्लेबाज स्पिनर्स के खिलाफ जमकर चलते हैं. अगर कोई विदेशी टीम इन दोनों मुल्कों में खेलने आती हैं तो माना जाता है कि यहां उनकी दाल नहीं गलने वाली. लेकिन हालिया घरेलू टेस्ट सीरीज देखी जाएं तो दोनों देशों के बल्लेबाजों पर विदेशी स्पिनर्स हावी दिखे.
वेस्टइंडीज ने हाल में पाकिस्तान को मुल्तान टेस्ट में 120 रनों से हराया, इस तरह सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. पाकिस्तान ने सीरीज के पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को 127 रनों से मात दी थी. पाकिस्तान के खिलाफ इस सीरीज में वेस्टइंडीज के 32 साल के स्पिनर जोमेल वॉरिकन (Jomel Warrican) ने तहलका मचा दिया.
वॉरिकन ने 2 टेस्ट मैचों में 19 विकेट लिए. इस दौरान उनका गेंदबाजी एवरेज 9 और गेंदबाजी स्ट्राइक रेट 22.68 का रहा. वह दोनों देशों के बीच हुई टेस्ट सीरीज में सबसे सफल गेंदबाज रहे. दूसरे टेस्ट मैच में उन्होंने 9 विकेट हासिल किए, जिसकी बदौलत वेस्टइंडीज ने इस मुकाबले को जीता.
वैसे पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच इस टेस्ट सीरीज में स्पिनर्स का जादू खूब चला. पाकिस्तान के स्पिनर नोमान अली ने 2 टेस्ट मैचों में 16 तो साजिद खान ने 15 विकेट अपने नाम किए.
भारत का न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने किया था बुरा हाल
वहीं, रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था. दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारतीय टीम को 25 रनों से हार झेलनी पड़ी. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम को अपने घर पर तीन या उससे ज्यादा मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था. वहीं अपने घर पर भारतीय टीम 24 साल बाद किसी टेस्ट सीरीज में सभी मुकाबले हारी.
यानी 24 साल बाद घर पर भारत का सूपड़ा साफ हुआ. इससे पहले भारतीय टीम को साल 2000 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था.
न्यूजीलैंड संग इस सीरीज में भारत का हाल न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने खराब किया था. बेंगलुरु में हुए पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड की पेस बैटरी का जादू भारत के खिलाफ चला था, नतीजतन भारतीय टीम इस टेस्ट मैच को 8 विकेट से हार गई. यह वही टेस्ट मैच था, जहां भारतीय टीम पहली पारी में 46 रनों पर सिमट गई थी.
पुणे में हुए दूसरे टेस्ट में मिचेल सैंटनर ने कुल 13 विकेट लिए और भारतीय टीम की हालत खराब कर दी. नतीजतन न्यूजीलैंड को 113 रनों से जीत मिली. इसके बाद सीरीज के तीसरे मुकाबले में 11 विकेट लेकर एजाज पटेल ने बाजी पलट दी और न्यूजीलैंड को 25 रनों से जीत दिला दी.
इस सीरीज के बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या वाकई विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत टीम इंडिया के बाकी खिलाड़ी स्पिन को खेलना भूल गए हैं. उस 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में सबसे सफल गेंदबाज रवींद्र जडेजा (3 मैच 16 विकेट), वॉशिंगटन सुंदर (2 मैच 16 विकेट), एजाज पटेल (3 मैच 15 विकेट) और मिचेल सैंटनर (1 मैच 13 विकेट) रहे.