
भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) स्टेडियम में खेले गए टी20 मुकाबले में 15 रनों से जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज पर कब्जा कर लिया. देखा जाए तो भारतीय टीम पिछले छह सालों में अपने घरेलू मैदान पर कोई भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं हारी है. भारत की अपने घर पर आखिरी टी20 सीरीज हार फरवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई थी. उसके बाद से भारत ने अपने घर पर 17 टी20 सीरीज खेले, जिसमें से उसने 15 जीते और दो सीरीज ड्रॉ रहे.
कन्कशन सब्स्टीट्यूट ने कर दिया कमाल
पुणे टी20 में भारतीय टीम की जीत में तेज गेंदबाज हर्षित राणा की अहम भूमिका रही. हर्षित ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू पर धमाल मचा दिया. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में लियाम लिविंगस्टोन को चलता कर दिया. लिविंगस्टोन का विकेट मैच के लिहाज से टर्निंग पॉइंट रहा. फिर उन्होंने जैकब बेथेल और जेमी ओवर्टन को भी आउट करके इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. हर्षित ने 4 ओवरों में 33 रन देकर 3 विकेट लिए.
बता दें कि हर्षित राणा बतौर कन्कशन सब्स्टीट्यूट इस मुकाबले में उतरे थे. उन्हें शिवम दुबे की जगह इस मुकाबले के दौरान भारतीय टीम में शामिल किया गया था. शिवम को बल्लेबाजी के दौरान सिर में चोट लग गई थी. भारतीय पारी के अंतिम ओवर में जेमी ओवर्टन की पांचवीं गेंद शिवम के हेलमेट पर लगी. उन्होंने सिर में चोट लगने के बाद सिर्फ एक गेंद का सामना किया. बाद में जब भारतीय टीम गेंदबाजी करने उतरी तो शिवम को रिप्लेस कर दिया गया.
बतौर कन्कशन सब्स्टीट्यूट किसी फॉर्मेट में डेब्यू (फुल मेम्बर टीम)
ब्रायन मुदजिंगन्यामा (जिम्बाब्वे) vs श्रीलंका हरारे, 2020
नील रॉक (आयरलैंड) vs वेस्टइंडीज, किंग्सटन 2022
खाया जोंडो (साउथ अफ्रीका) vs बांग्लादेश, गकेबरहा 2022
मैट पार्किंसन (इंग्लैंड) vs न्यूजीलैंड, लॉर्ड्स 2022
कामरान गुलाम (पाकिस्तान) vs न्यूजीलैंड, कराची 2023
बहिर शाह (अफगानिस्तान) vs बांग्लादेश, मीरपुर 2023
हर्षित राणा (भारत) vs इंग्लैंड, पुणे 2025
कन्कशन सब्स्टीट्यूट रूल क्या है?
आईसीसी के वर्तमान रूल्स के मुताबिक जब किसी खिलाड़ी को मैच के दौरान मैदान पर सिर या आंख में चोट लगती है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट रूल (Concussion Substitute Rule) लागू होता है. हालांकि सब्स्टीट्यूशन लाइक फॉर लाइक होना चाहिए. मान लीजिए कि कोई तेज गेंदबाज चोटिल हुआ है, तो उसकी जगह तेज गेंदबाज को ही शामिल किया जाना चाहिए. नियम के क्लॉज 1.2.7.3.4 में इस बात को स्पष्ट किया गया है.
क्या हर्षित राणा को शिवम दुबे का कन्कशन विकल्प बताया जा सकता है? क्योंकि हर्षित मूलत: तेज गेंदबाज हैं, वहीं शिवम बैटिंग ऑलराउंडर हैं. इस बात पर काफी बहस हो रही है कि अगर शिवम पहले ही कन्कशन टेस्ट में फेल हो चुके थे, तो उन्हें आगे बैटिंग करने की अनुमति क्यों दी गई.
कमेंट्री कर रहे इंगलैंड के पूर्व कप्तान पीटरसन और हर्षा भोगले ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की. भोगले का मानना था कि शिवम दुबे जैसे बैटिंग ऑलराउंडर के लिए रमनदीप सिंह एक बेहतरीन विकल्प हैं. जबकि पीटरसन ने तर्क दिया कि एक विशेषज्ञ तेज गेंदबाज एक ऑलराउंडर की जगह कैसे ले सकता है. पीटरसन ने कहा, 'जोस बटलर हताशा में आउट हो गए क्योंकि वह इस सब्स्टीट्यूशन से खुश नहीं थे. दुनिया में किसी से भी पूछिए कि क्या हर्षित राणा लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट थे. मुझे इतना यकीन नहीं है कि कोई भी कहेगा कि वह थे.'
साल 2020 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला था. तब सीरीज के पहले टी20I में युजवेंद्र चहल को रवींद्र जडेजा की जगह कन्कशन सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान में उतारा गया. इसके चलते कंगारू टीम के तत्कालीन कोच जस्टिन लैंगर ने मैच रेफरी से बहस की थी. चहल ने उस मैच में 3 विकेट लिए थे और भारत को 11 रनों से जीत दिलाई थी.