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Vandana Katariya retirement: भारत के ल‍िए हॉकी में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली स्टार ख‍िलाड़ी का संन्यास, 15 साल का रहा सुनहरा कर‍ियर

वंदना कटारिया टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने हैट्रिक भी लगाई. ऐसा करनी वाली वह पहली और इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. हरिद्वार की रहने वाली कटारिया ने फरवरी में भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आखिरी मैच खेला.

Vandana Katariya (Getty) Vandana Katariya (Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 12:24 PM IST

Vandana Katariya announces retirement: वंदना कटारिया ने इंटरनेशनल हॉकी को अलविदा कह दिया है. भारत के लिए 320 मैच खेल चुकीं 32 साल की स्ट्राइकर वंदना ने भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेले हैं. उन्होंने कहा कि वह अपने 15 साल के सुनहरे करियर के शिखर पर विदा ले रही हैं.

2009 में सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली कटारिया टोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने हैट्रिक भी लगाई. ऐसा करनी वाली वह पहली और इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. हरिद्वार के रोशनाबाद की रहने वाली कटारिया ने फरवरी में भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आखिरी मैच खेला.

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वंदना ने कहा ,‘आज भारी, लेकिन कृतज्ञ मन से मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से विदा ले रही हूं. यह फैसला सशक्त करने वाला और दुखी करने वाला दोनों है. मैं इसलिए नहीं हट रही हूं क्योंकि मेरे अंदर की आग मंद पड़ गई है या मेरे भीतर हॉकी नहीं बची है, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने करियर के शिखर पर संन्यास लेना चाहती हूं, जबकि मैं अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हूं.’

उन्होंने कहा ,‘यह विदाई थकान की वजह से नहीं है. यह अंतरराष्ट्रीय मंच को अपनी शर्तों पर छोड़ने का एक विकल्प है, मेरा सिर ऊंचा रहेगा और मेरी स्टिक अभी भी आग उगल रही होगी. भीड़ की गर्जना, हर गोल का रोमांच और भारत की जर्सी पहनने का गर्व हमेशा मेरे मन में गूंजता रहेगा.’

उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा ,‘मेरे दिवंगत पिता मेरी चट्टान, मेरे मार्गदर्शक थे. उनके बिना मेरा सपना कभी पूरा नहीं होता. उनके बलिदानों और प्यार से मेरे खेल की नींव पड़ी. उन्होंने मुझे सपने देखने, लड़ने और जीतने के लिए मंच दिया.’

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हाल में वंदना कटार‍िया के नाम पर हर‍िद्वार के रोशनाबाद में मौजूद स्टेडियम का नाम भी रखा गया था, यह ठीक राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पहले हुआ था. 

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