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सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को मलेशिया ओपन सुपर-1000 टूर्नामेंट के मेन्स डबल्स फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है. रविवार (14 जनवरी) को कुआलालम्पुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में सात्विक-चिराग को पहली वरीयता हासिल चीन के लियांग वेई कांग और वांग चांग के हाथों 21-9, 18-21, 17-21 से हार झलेनी पड़ी. इस हार के चलते सात्विक-चिराग अपना दूसरा सुपर-1000 खिताब जीतने से चूक गए. भारतीय जोड़ी ने पिछले साल जून में इंडोनेशियाई ओपन में जीता था.
विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी दूसरी बार किसी सुपर-1000 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थी. सात्विक-चिराग यदि मलेशिया ओपन जीतती तो वह इतिहास रच देती. कोई भी भारतीय जोड़ी अब तक मलेशिया ओपन नहीं जीत पाई थी. सात्विक-चिराग ने सेमीफाइनल में कोरिया के सेओ सेउंग जे और कांग मिन ह्युकडिश की जोड़ी को 21-18, 22-20 से मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी.
फाइनल मैच में सात्विक-चिराग को चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ पहला गेम जीतने में कोई परेशानी नहीं हुई और उन्होंने 21-9 से जीत हासिल की. लेकिन लियांग-वांग की जोड़ी ने अगले गेम में अपनी काबिलियत साबित की और 21-18 से दूसरा गेम जीतकर मैच में बराबरी हासिल की. तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने पांच अंकों की बढ़त हासिल कर ली थी. हालांकि इसके बाद सात्विक-चिराग ने मोमेंटम गंवा दिया.
सात्विक-चिराग के नाम कई रिकॉर्ड्स
सात्विक-चिराग की जोड़ी वर्ल्ड चैम्पियनशिप, थॉमस कप और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने के साथ-साथ बीडब्ल्यूएफ टूर के सभी लेवल पर खिताब हासिल कर चुकी है. सात्विक और चिराग की ट्रॉफी कैबिनेट में अब सिर्फ ओलंपिक मेडल गायब है. आपको बता दें कि बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के छह लेवल होते हैं.
सात्विक-चिराग वर्ल्ड रैंकिंग में पहले नंबर पर भी रह चुके हैं. बैडमिंटन के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के लिए सात्विक-चिराग को मेजर ध्यान चंद खेल रत्न अवॉर्ड 2023 के लिए चुना गया था.