
पेरिस ओलंपिक को बीते करीब एक महीना हो गया है लेकिन मेडल को लेकर विवाद अबतक नहीं थमा है. टीम USA की जॉर्डन चाइल्स अपने कांस्य पदक के लिए संघर्ष कर रही हैं, जिसे कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) और अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक्स संघ (FIG) के विवादास्पद निर्णय के कारण छीन लिया गया था.
चाइल्स के वकीलों ने इस हफ्ते स्विस फेडरल ट्रिब्यूनल में एक अपील दायर की है, जिसमें वीडियो सबूत शामिल है जो दिखाता है कि टीम USA की कोच सिसिल लांडी ने एक मिनट के समय सीमा के भीतर उनकी कठिनाई स्तर के बारे में सफलतापूर्वक inquiry की. हालांकि, CAS ने दावा किया कि inquiry चार सेकंड देर से की गई थी.
तो गोल्ड जीत जाती सिमोन बाइल्स...
सोशल मीडिया पर जो वीडियो सबूत साझा किया गया है उसे देखकर लगता है कि लांडी ने सिमोन बाइल्स के स्कोर के बारे में भी inquiry करने की कोशिश की थी. अगर inquiry स्वीकार की जाती तो बाइल्स को 0.10 अंक और मिलते और वह ब्राजील की रेबेका एंड्राडे से आगे निकल जातीं और एक और गोल्ड मेडल उनके नाम होता. लेकिन इस शिकायत को दर्ज ही नहीं किया गया.
बता दें कि बाइल्स ने फाइनल में 14.133 अंक प्राप्त किए, जो एंड्राडे के अंतिम स्कोर से 0.033 अंक पीछे था. जबकि प्रशंसक इस बात पर नाराज थे कि बाइल्स को उनके आठवें स्वर्ण पदक से वंचित कर दिया गया. बता दें कि पेरिस ओलंपिक में बाइल्स का शानदार प्रदर्शन रहा था.
बाइल्स के मैसेज ने जीता दिल
हालांकि, बाइल्स को गोल्ड मेडल नहीं मिल पाने का कोई खास मलाल नहीं है. बल्कि उन्होंने विपक्षी खिलाड़ी का हौसला बढ़ाया है. 17 सितंबर को एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'ईमानदारी से, मेरे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है, रेबेका का प्रदर्शन बेहतर था . यह निराशाजनक है कि इसे प्रक्रिया में नहीं लिया गया, लेकिन मैं परिणामों से नाराज नहीं हूं.'