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बैडमिंटन के भीष्म पितामह माने जाते हैं लक्ष्य सेन के दादा... ओलंपिक में पूरा नहीं हुआ पोते का सपना

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे लक्ष्य सेन को बैडमिंटन विरासत में मिला है. उनके दादा सीएल सेन को अल्मोड़ा में बैडमिंटन का भीष्म पितामह कहा जाता है. लक्ष्य के पिता डीके सेन नेशनल लेवल पर बैडमिंटन खेल चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर के कोच भी हैं. डीके सेन वर्तमान में प्रकाश पादुकोण अकादमी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. लक्ष्य सेन के भाई चिराग सेन भी इंटरनेशनल लेवल पर बैडमिंटन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

भारतीय टीम के स्टार बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन. भारतीय टीम के स्टार बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन.
aajtak.in
  • पेरिस,
  • 05 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

Lakshya Sen Bronze Medal Match: भारतीय टीम के स्टार बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन का पेरिस ओलंपिक 2024 में मेडल जीतने का सपना टूट गया है. लक्ष्य का ब्रॉन्ज मेडल मैच सोमवार (5 अगस्त) को मलेशिया के ली जी जिया के खिलाफ था, जिसमें उन्हें 21-13, 16-21, 11-21 से हार झेलनी पड़ी.

अगर वो जीतते तोयह इस ओलंपिक में देश का चौथा मेडल होता. बता दें कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे लक्ष्य सेन को बैडमिंटन विरासत में मिला है. उनके दादा सीएल सेन को अल्मोड़ा में बैडमिंटन का भीष्म पितामह कहा जाता है.

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प्रकाश पादुकोण अकादमी में सेवाएं दे रहे पिता

लक्ष्य के पिता डीके सेन नेशनल लेवल पर बैडमिंटन खेल चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर के कोच भी हैं. डीके सेन वर्तमान में प्रकाश पादुकोण अकादमी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. लक्ष्य सेन के भाई चिराग सेन भी इंटरनेशनल लेवल पर बैडमिंटन में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.

अपने बेटे को बैडमिंटन की अच्छी ट्रेनिंग देने के लिए डीके सेन अल्मोड़ा छोड़ बेंगलुरु में बस गए थे. बेंगलुरु में लक्ष्य सेन ने प्रकाश पादुकोण एकेडमी में दाखिला लिया था, जहां उन्होंने ट्रायल के दौरान अपनी प्रतिभा से प्रकाश पादुकोण को हैरत में डाल दिया था.

लक्ष्य की मेहनत रंग लाई और उन्होंने बहुत ही कम उम्र में ही सफलता की सीढ़ियां चढ़ना शुरू कर दिया था. सेन ने 2016 के जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीत अपना लोहा मनवाया था. फिर साल 2018 में उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पीला तमगा हासिल किया.

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वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मिली लक्ष्य को बड़ी कामयाबी

सीनियर लेवल पर लक्ष्य सेन को सबसे बड़ी कामयाबी पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में मिली. हुलेवा में आयोजित हुए उस टूर्नामेंट में लक्ष्य ने कांस्य पदक जीता था. भारतीय पुरुष खिलाड़ियों में लक्ष्य के अलावा प्रकाश पादुकोण और किदांबी श्रीकांत ही वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पदक जीतने में सफल रहे हैं.

लक्ष्य सेन ने जनवरी 2021 में इंडिया ओपन के जरिए अपना पहला सुपर 500 खिताब जीता था. तब दिल्ली में आयोजित टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में लक्ष्य ने सिंगापुर के लोह कीन येव को मात दी थी. लक्ष्य सेन ने साल 2022 में ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी, जो उनके लिए काफी खास रहा. हालांकि वो फाइनल मुकाबला नहीं जीत सके थे.

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