
Neeraj Chopra-Arshad Nadeem press confrence: पेरिस ओलंपिक 2024 में 8 जून को जैवलिन थ्रो में भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता और अपना नाम ओलंपिक इतिहास के पन्नों में दर्ज करवा लिया. नीरज बैक टू बैक एथलेटिक्स के विजुअल इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी हैं.
8 अगस्त 2024 को पेरिस नीरज ने 89.45 मीटर दूर भाला फेंककर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया. वहीं पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ने 92.97 मीटर दूर भाला फेंका और गोल्ड झटका वहीं इस इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 88.54 मीटर जैवलिन फेंककर अपने नाम किया.
इस इवेंट को जीतने के बाद ये तीनों ही खिलाड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, जहां उनसे कई सवाल जवाब पूछ गए. इनमें एक पत्रकार ने अरशद और नीरज से भारत-पाकिस्तान की प्रतिद्वंदिता पर सवाल पूछा.
इस पर सबसे पहले अरशद नदीम ने शानदार जवाब दिया, उन्होंने कहा- जब इंडिया और पाकिस्तान का मैच होता है तो पूरी आवाम काम छोड़कर टीवी पर बैठ जाती है. इसी तरह मेरा और नीरज चोपड़ा भाई का कंपटीशन होता है तो भी हर बंदा काम छोड़कर टीवी पर बैठता है. हमें इस बात की बेहद खुशी है.
अरशद ने कहा- भारत और पाकिस्तान का मैच किसी भी फील्ड में हो तो हमें खुशी होती है. वहीं हम दोनों इस समय साउथ एशिया से पूरे वर्ल्ड में जैवलिन थ्रो में अच्छा कर रहे हैं, इससे दोनों देश के यूथ मोटिवेट हों और अपने देशों का नाम रोशन करें.
वहीं नीरज चोपड़ा ने इस सवाल के जवाब में कहा- यह दोनों ही देशों के लिए अच्छी बात है. जैवलिन का खेल दोनों ही देशों में उतना पॉपुलर नहीं है. वहीं ग्रेनाडा में भी (एंडरसन पीटर्स की ओर इशारा करते हुए).
नीरज चोपड़ा ने अरशद नदीम के साथ राइवलरी पर कहा- मैं और नदीम एक दूसरे के खिलाफ 2016 से मुकाबले खेल रहे हैं. मैं तब से लगातार जीत रहा था, भगवान मेरे साथ थे. लेकिन आज अरशद ने कमाल कर दिखाया. उन्होंने अपने मुल्क का नाम रोशन किया. मैं उसकी तारीफ करना चाहूंगा क्योंकि उसने बहुत मेहनत की है.
नीरज ने इस दौरान यह भी कि आने वाले दिनों में उम्मीद है कि और भी जैवलिन फेंकने वाले आएंगे और देशों में इस खेल को आगे बढ़ाएंगे, अब तो दोनों ही देशों में जैवलिन पॉपुलर हो रहा है.
9 अगस्त को हुई जैवलिन थ्रो की मेडल सेरेमनी
मेन्स जैवलिन थ्रो की मेडल सेरेमनी 9 अगस्त को हुई, इसमें अरशद नदीम, नीरज चोपड़ा और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स को उनके मेडल से सम्मानित किया गया.