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PR Sreejesh: ग्रेस मार्क्स चाहिए था इसलिए शुरू की हॉकी... पीआर श्रीजेश ने किया रिटायरमेंट के बाद खुलासा, VIDEO

पीआर श्रीजेश ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि पेरिस ओलंपिक उनका आखिरी टूर्नामेंट होने जा रहा है. श्रीजेश की हॉकी की जर्नी काफी दिलचस्प रही है. श्रीजेश ने हॉकी खेलना इसलिए शुरू किया था, ताकि उन्हें बोर्ड एग्जाम में ग्रेस मार्क्स मिल पाए.

PR Sreejesh bids goodbye to hockey with Paris Olympics bronze. (AP Photo) PR Sreejesh bids goodbye to hockey with Paris Olympics bronze. (AP Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय हॉकी टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया. भारतीय टीम ने पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम किया. भारत ने कांस्य पदक के मुकाबले में स्पेन को 2-1 से हराया था. भारतीय हॉकी टीम ने लगातार दूसरे ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज जीता है. इससे पहले उसने टोक्यो ओलंपिक (2020) में भी ये उपलब्धि हासिल की.

भारतीय टीम की जीत में गोलकीपर पीआर श्रीजेश की अहम भूमिका रही. अपना आखिरी टूर्नामेंट खेलने वाले अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश पूरे टूर्नामेंट में चट्टान की तरह भारतीय गोल की रक्षा करते रहे, पदक का रंग बदलने का सपना टूटने के बावजूद उन्होंने कहा था कि अब उनके पास आखिरी मौका है और पदक अभी भी जीता जा सकता है. और उन्होंने अपना वादा पूरा किया.

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श्रीजेश ने इस वजह से शुरू की हॉकी!

पीआर श्रीजेश की हॉकी की जर्नी काफी दिलचस्प रही है. श्रीजेश ने हॉकी खेलना इसलिए शुरू किया था, ताकि उन्हें बोर्ड एग्जाम में ग्रेस मार्क्स मिल सके. श्रीजेश ने हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को दिए गए इंटरव्यू में ये खुलासा किया था. इससे जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है.

श्रीजेश कहते हैं, 'यदि आप केरल के लिए अंडर-14 या अंडर-17 लेवल पर खेलते हैं तो आपको बोर्ड एग्जाम में ग्रेस मार्क्स मिलते हैं. हॉकी आसान नहीं थी क्योंकि आपको इस खेल में बैंड (झुककर) होकर खेलना पड़ता था. मेरे लिए यह कठिन था. इसके अलावा आपको दौड़ना पड़ता है. मेरा वेट थोड़ा अधिक था और मुझे दौड़ना बिल्कुल पसंद नहीं था. मैंने गोलकीपर्स को पूरी किट पहनकर एक कोने में खड़े होते और गेंद को किक करते हुए देखा. मुझे लगा कि यह बहुत मजेदार है क्योंकि वे कुछ भी नहीं कर रहे हैं. वे दौड़ नहीं रहे हैं. वे सिर्फ पैड पहने हुए हैं और गेंद को किक कर रहे है. इसलिए, मुझे लगा कि यह मेरे लिए सही स्थिति है क्योंकि आपको दौड़ने की जरूरत नहीं है.'

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श्रीजेश का ऐसा रहा इंटरनेशनल करियर

पीआर श्रीजेश ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि पेरिस ओलंपिक उनका आखिरी टूर्नामेंट होने जा रहा है. भारत के लिए 336 मैच खेलने वाले श्रीजेश के लिए यह चौथा ओलंपिक रहा. कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप में खेल चुके 36 साल के श्रीजेश ने 2021 में आयोजित हुए टोक्यो ओलंपिक में भी शानदार गोलकीपिंग से भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब पेरिस में भी गोलपोस्ट के सामने उनका जादू चला.

पीआर श्रीजेश 2014 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय टीम के सदस्य रहे. वह 2018 में एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी की संयुक्त विजेता टीम, भुवनेश्वर में 2019 एफआईएच पुरुष सीरीज फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता टीम और बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक विजेता टीम के सदस्य रह चुके हैं.

पेरिस ओलंपिक की क्लोजिंग सेरेमनी में 'परेड ऑफ नेशंस' के ल‍िए पीआर श्रीजेश और मनु भाकर भारतीय दल के ध्वजवाहक रहे थे. श्रीजेश 13 अगस्त (मंगलवार) को भारत लौट आए. हॉकी खिलाड़ियों में श्रीजेश के अलावा अमित रोहिदास, सुमित, राज कुमार पाल, अभिषेक, सुखजीत सिंह, संजय भी एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए थे. दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत हुआ. ढोल की थाप पर जमकर लोग जश्न मनाते हुए भी नजर आए. इससे पहले 11 अगस्त को भारतीय हॉकी टीम के पंजाब से जुड़े खिलाड़ी अमृतसर लौटे थे.

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