
Sarbjot Singh Paris Olympics 2024 Profile: खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ यानी ओलंपिक में 30 जुलाई का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम के ब्रॉन्ज मेडल मैच में सरबजोत सिंह-मनु भाकर सिंह मिलकर ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. जो भारत का इस ओलंपिक में मेडल नंबर 2 रहा. खास बात यह है कि भारत ने दोनों ही मेडल शूटिंग में ही जीते हैं.
चौथे दिन एक बार फिर मनु भाकर ब्रॉन्ज मेडल मैच में आज (30 जुलाई) मिक्स्ड टीम इवेंट में सरबजोत सिंह के साथ खेलने उतरीं, जहां सरबजोत सिंह मिलकर उन्होंने धमाका कर दिया. सरबजोत का यह पहला ओलंपिक मेडल रहा. वहीं. मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई. अब आपको बताते हैं आखिर मनु भाकर संग मेडल जीतने वाले सरबजोत सिंह कौन हैं?
मनु भाकर और सरबजोत सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में ओह ये जिन और ली वोनहो की मिक्स्ड कोरियाई जोड़ी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता. दोनों ने इस कांटेदार मुकाबले को 16-10 से यह मैच जीतकर ब्रॉन्ज मेडल झटका. इससे पहले शूटिंग में ही मनु भाकर ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत को पहला मेडल दिलाया.
हरियाणा से है सरबजोत का कनेक्शन
22 साल के सरबजोत का जन्म 30 सितंबर 2001 को अंबाला में हुआ था. पहली बार ओलंपिक में भाग ले रहे सरबजोत ने सिर्फ 13 साल की उम्र में शूटिंग स्टार्ट की थी. सरबजीत ने समर कैम्प के दौरान कुछ बच्चों को अस्थायी रेंज में एयर गन चलाते देखा था, जिसके बाद उन्होंने इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया. इसके बाद उनका शूटिंग में सफर शुरू हुआ. फिर क्या था वो अंबाला स्थित एआर अकादमी ऑफ शूटिंग स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग करने लगे. सरबजीत अपने पिता जितेंद्र को अपना सबसे बड़ा रोल मॉडल मानते हैं. वो अपनी सफलता का श्रेय अपने दोस्त आदित्य मालरा को देते हैं. सरबजोत कहते हैं कि आदित्य वह पहले दिन से ही उनके साथ हैं और उन्होंने जीवन के हर चरण में उन्हें प्रेरित किया है.
सरबजीत ने कोरिया के चांगवोन में आयोजित एशियाई शूटिंग चैम्पियनशिप 2023 में दो मेडल जीते थे. तब उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में सिल्वर और मेन्ल 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता था. इस कांस्य के चलते वह पेरिस ओलंपिक में भारत के लिए एक कोटा हासिल करने में सफल रहे.
पिछले साल हुए हांगझोऊ एशियन गेम्स में सरबजोत ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में गोल्ड हासिल किया. फिर उन्होंने अपने जन्मदिन पर 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर मेडल भी जीता, जो उनके लिए काफी यादगार पल रहा. सरबजोत भोपाल में हुए 2023 विश्व कप के दौरान मेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतने में भी कामयाब रहे.
22 साल के सरबजोत ने नेशनल लेवल पर समरेश जंग से कोचिंग ली है, जो एक दिग्गज निशानेबाज रहे हैं. वहीं अभिषेक राणा उनके निजी कोच हैं. साल 2023 में सरबजोत ने पंजाब विश्वविद्यालय से आर्ट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की. सरबजोत अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी भाषा जानते हैं. सरबजोत का लक्ष्य है कि वो खुद को और बेहतर बनाएं.
सरबजोत का यह पहला ओलंपिक
सरबजोत सिंह का यह पहला ओलंपिक है. वह कोरिया गणराज्य के चांगवोन में 2023 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में दो बार के पदक विजेता (रजत - 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम, कांस्य - 10 मीटर एयर पिस्टल) रह चुके हैं. इसी व्यक्तिगत कांस्य पदक ने भारत के लिए पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों का कोटा स्थान सुरक्षित किया था. हांगझोऊ 2022 एशियाई खेलों में दो बार के पदक विजेता (स्वर्ण - पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम, रजत - 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम) रहे हैं. इसके अलावा भारत के भोपाल में 2023 विश्व कप में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं.
मनु भाकर के नाम अनोखी उपलब्धि
मनु भाकर स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई, जिन्होंने सरबजोत सिंह के साथ पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम वर्ग में दक्षिण कोरिया को हराकर इतिहास रच दिया.
भारतीय जोड़ी ने कोरिया को 16-10 से हराकर देश को इस ओलंपिक में दूसरा पदक दिलाया. इससे पहले मनु ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य जीता था. ब्रिटिश मूल के भारतीय खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने 1900 ओलंपिक में 200 मीटर फर्राटा और 200 मीटर बाधा दौड़ में रजत पदक जीते थे लेकिन वह उपलब्धि आजादी से पहले की थी.
पीएम मोदी ने दी मनु और सरबजोत को बधाई
पीएम मोदी ने मनु भाकर और सरबजोत को बधाई दी. उन्होंने एक्स पर लिखा- हमारे निशानेबाज हमें लगातार गौरवान्वित कर रहे हैं. ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतने के लिए मनु भाकर और सरबजोत सिंह को बधाई. दोनों ने शानदार कौशल और टीम वर्क दिखाया है. भारत अविश्वसनीय रूप से प्रसन्न है.
मनु के लिए, यह उनका लगातार दूसरा ओलंपिक पदक है, जो उनकी निरंतर उत्कृष्टता और समर्पण को दर्शाता है.
शूटिंग में भारत के पदकवीर (ओलंपिक)
1. राज्यवर्धन सिंह राठौड़
रजत पदक: एथेंस (2004)
2. अभिनव बिंद्रा
स्वर्ण पदक, बीजिंग ओलंपिक (2008)
3. गगन नारंग
कांस्य पदक: लंदन ओलंपिक (2012)
4. विजय कुमार
रजत पदक: लंदन ओलंपिक (2012)
5. मनु भाकर
कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)
6.मनु भाकर- सरबजोत सिंंह
कांस्य पदक: पेरिस ओलंपिक (2024)
भारत के ओलंपिक मेडलिस्ट की पूरी लिस्ट, जानें कौन, कब बना विजेता
एथलीट/खेल | मेडल | इवेंट | ओलंपिक सीजन |
नॉर्मन प्रिचर्ड* | सिल्वर | पुरुषों की 200 मीटर रेस | पेरिस 1900 |
नॉर्मन प्रिचर्ड** | सिल्वर | पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) | पेरिस 1900 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | एम्स्टर्डम 1928 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लॉस एंजिल्स 1932 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | बर्लिन 1936 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लंदन 1948 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | हेल्सिंकी 1952 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मेलबर्न 1956 |
केडी जाधव | ब्रॉन्ज | पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती | हेल्सिंकी 1952 |
भारतीय हॉकी टीम | सिल्वर | पुरुष हॉकी | रोम 1960 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | टोक्यो 1964 |
भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | मेक्सिको सिटी 1968 |
भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | म्यूनिख 1972 |
भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मास्को 1980 |
लिएंडर पेस | ब्रॉन्ज | पुरुष एकल टेनिस | अटलांटा 1996 |
कर्णम मल्लेश्वरी | ब्रॉन्ज | भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा | सिडनी 2000 |
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ | सिल्वर | पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग | एथेंस 2004 |
अभिनव बिंद्रा | गोल्ड | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | बीजिंग 2008 |
विजेंदर सिंह | ब्रॉन्ज | पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) | बीजिंग 2008 |
सुशील कुमार | ब्रॉन्ज | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | बीजिंग 2008 |
सुशील कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
विजय कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग | लंदन 2012 |
साइना नेहवाल | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | लंदन 2012 |
मैरी कॉम | ब्रॉन्ज | महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी | लंदन 2012 |
योगेश्वर दत्त | ब्रॉन्ज | पुरुष 60 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
गगन नारंग | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | लंदन 2012 |
पीवी सिंधु | सिल्वर | महिला एकल बैडमिंटन | रियो 2016 |
साक्षी मलिक | ब्रॉन्ज | महिला 58 किग्रा कुश्ती | रियो 2016 |
मीराबाई चानू | सिल्वर | महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) | टोक्यो 2020 |
लवलीना बोरगोहेन | ब्रॉन्ज | महिला वेल्टरवेट बॉक्सिंंग (64-69 किग्रा) | टोक्यो 2020 |
पीवी सिंधु | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | टोक्यो 2020 |
रवि कुमार दहिया | सिल्वर | पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | टोक्यो 2020 |
बजरंग पुनिया | ब्रॉन्ज | पुरुष 65 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
नीरज चोपड़ा | गोल्ड | पुरुषों का भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) | टोक्यो 2020 |
मनु भाकर | ब्रॉन्ज | वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल | पेरिस 2024 |
मनु भाकर-सरबजोत सिंह | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम | पेरिस 2024 |
*** नोट: नॉर्मन प्रिचर्ड ने ब्रिटिश झंडे के तहत भारत की ओर से भाग लिया था, वह एक ब्रिटिश मूल के खिलाड़ी थे.