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Manu Bhaker Paris Olympics 2024: पिस्टल ने पिछली बार दिया था धोखा... इस बार किस्मत पर हो गईं हावी, जानिए कौन हैं मनु भाकर?

Manu Bhaker Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का मेडल का खाता खुल गया है. यह खाता स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने खोला है. उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है. निशानेबाजी में मनु कोई भी मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गए हैं. यह उनका दूसरी ही ओलंपिक है.

 भारतीय स्टार निशानेबाज मनु भाकर. भारतीय स्टार निशानेबाज मनु भाकर.
aajtak.in
  • पेरिस,
  • 28 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

Manu Bhaker Paris Olympics 2024: भारतीय निशानेबाज मनु भाकर ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है. निशानेबाजी में मनु कोई भी मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गए हैं. मनु भाकर का यह मेडल का सफर आसान नहीं रहा है.

यह मनु भाकर का दूसरा ही ओलंपिक है. उन्होंने पिछले यानी टोक्यो ओलंपिक 2020 में डेब्यू किया था, लेकिन 10 मीटर एयर पिस्टल क्वालिफिकेशन राउंड के दौरान उनकी पिस्टल खराब हो गई थी. इस कारण वो पिछली बार मेडल नहीं जीत सकी थीं. मगर इस बार मनु ने अपना पूरा जोर दिखाया और किस्मत पर हावी होते हुए मेडल पर निशाना साध दिया. इसके अलावा मिक्स्ड टीम 10 मीटर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में भी वह पदक हासिल करने से चूक गई थी.

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यह भी पढ़ें: पेरिस ओलंपिक में भारत को पहला मेडल, मनु भाकर ने रचा इतिहास, कोई भारतीय महिला नहीं कर सकी ऐसा

कई इवेंट्स में हिस्सा लेने वाली अकेली भारतीय एथलीट

पेरिस 2024 ओलंपिक शूटिंग प्रतियोगिता में 22 साल की मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. वह 21 सदस्यीय भारतीय शूटिंग टीम से कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में हिस्सा लेने वाली एकमात्र एथलीट हैं.

मनु ने 2023 एशियन शूटिंग चैम्पियनशिप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में पांचवें स्थान पर रहने के बाद भारत के लिए पेरिस 2024 ओलंपिक कोटा हासिल किया था. मनु भाकर ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय हैं. वह गोल्ड कोस्ट 2018 में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स की चैम्पियन भी हैं, जहां उन्होंने CWG रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पदक जीता था.

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मनु भाकर ब्यूनस आयर्स 2018 में यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज और देश की पहली महिला एथलीट भी हैं. उन्होंने पिछले साल एशियाई खेलों में महिलाओं की 25 मीटर टीम पिस्टल का खिताब जीता था.

आंख में चोट के बाद बॉक्सिंग को छोड़ निशानेबाजी शुरू की

हरियाणा के झज्जर में जन्मीं मनु भाकर ने स्कूल के दिनों में टेनिस, स्केटिंग और मुक्केबाजी मुकाबलों में हिस्सा लिया. इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली 'थान टा' नामक एक मार्शल आर्ट में भी भाग लिया. मुक्केबाजी के दौरान मनु के आंख पर चोट लग गई जिसके बाद उनका बॉक्सिंग में सफर खत्म गया. लेकिन मनु के अंदर खेलों को लेकर एक अलग जुनून था, जिसके चलते वह एक बेहतरीन निशानेबाज बनने में कामयाब रहीं.

मनु ने 14 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग में अपना करियर बनाने का फैसला किया, उस वक्त रियो ओलंपिक 2016 खत्म ही हुआ था. इसके एक हफ्ते के अंदर ही उन्होंने अपने पिता से शूटिंग पिस्टल लाने को कहा. उनके हमेशा साथ देने वाले पिता राम किशन भाकर ने उन्हें एक बंदूक खरीदकर दी और वो एक ऐसा फैसला था जिसने एक दिन मनु भाकर को ओलंपियन बना दिया.

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