कोरोना काल में हो रहे इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच साउथेम्प्टन टेस्ट के पहले दिन वेस्टइंडीज के सभी खिलाड़ी, इंग्लैंड के दोनों बल्लेबाज और अंपायर सभी घुटने के बल बैठ गए.
मैदान पर इन सभी ने रंगभेद के खिलाफ ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन का समर्थन दिया. हाल ही में अमेरिका में एक अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में हत्या के बाद दुनियाभर में रंगभेद के खिलाफ विरोध शुरू हुआ.
इस टेस्ट मैच की पहली गेंद फेंके जाने से पहले ही फील्डिंग कर रहे वेस्टइंडीज के क्रिकेटर आउटफील्ड में घुटने के बल बैठ गए. इंग्लैंड के खिलाड़ी भी घुटने के बल बैठ गए. दोनों टीमों ने अपनी जर्सी की कॉलर पर ब्लैक लाइव्स मैटर का लोगो पहन रखा था.
आईसीसी (ICC) ने भी अपने ट्विटर पर 'ब्लैक लाइव्स मैटर‘ के तहत खिलाड़ियों के इस कार्य के वीडियो को शेयर किया है जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
बता दें कि इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन बारिश के कारण 17.4 ओवरों का ही खेल हो सका. रोरी बर्न्स और डोमिनिक सिबली ने इंग्लैंड की पारी की शुरुआत की, लेकिन 4.1 ओवर हुए थे कि बारिश की वजह से खेल रोकना पड़ा. उस वक्त इंग्लैंड ने सिबली का विकेट गंवाकर 3 रन बनाए थे. पेसर शेनॉन गैब्रियल ने सिबली (0) को बोल्ड कर वेस्टइंडीज को पहली सफलता दिलाई. उस वक्त इंग्लैंड का खाता नहीं खुला था.
बारिश रुकने पर दोबारा खेल शुरू हुआ. बर्न्स और जो डेनली ने पारी संभाली. दोनों ने इंग्लैंड के स्कोर को 35/1 तक पहुंचाया, लेकिन इसके बाद खराब रोशनी की वजह से एक बार फिर खेल रुका और चायकाल की घोषणा कर दी गई. बर्न्स 20 और डेनली 14 रन बनाकर क्रीज पर थे. पहले दिन का खेल इससे आगे नहीं बढ़ पाया, 17.4 ओवर ही फेंके जा सके.