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'Hand of God' कहे जाते थे माराडोना, 1986 में अर्जेंटीना को अपने दम पर बनाया था चैम्पियन

फुटबॉल को अपनी जिंदगी मानने वाले माराडोना ने अपने खेल से लोगों को दिवाना बना दिया. कई लोगों ने माराडोना का खेल देखकर ही फुटबॉल देखना शुरू किया. माराडोना ने अपने दम पर कई बार अर्जेंटीना को चैम्पियन बनाया. उनकी लोकप्रियता कमाल की थी.

Footballer Diego Maradona (AP) Footballer Diego Maradona (AP)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST
  • दिग्गज फुटबॉलर माराडोना का निधन
  • 80 और 90 के दशक में तूती बोलती थी
  • अपने दम पर कई बार अर्जेंटीना को चैम्पियन बनाया

अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का बुधवार को 60 साल की उम्र में निधन हो गया. उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ. माराडोना को दुनिया के महान फुटबॉलरों में गिना जाता है. "Hand of God" के नाम से दुनिया में मशहूर माराडोना ने 1986 में अर्जेंटीना को वर्ल्ड चैम्पियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.  

80 और 90 के दशक में फुटबॉल की दुनिया में माराडोना की तूती बोलती थी. माराडोना ने 1977 से 1994 तक अर्जेंटीना के लिए फुटबॉल खेला. FIFA प्लेयर ऑफ दी सेंचुरी पुरस्कार के लिए उन्हें इंटरनेट वोटिंग में पहला स्थान मिला था और उन्होंने पेले के साथ पुरस्कार में साझेदारी की थी. माराडोना ने अकेले अपने दम पर अर्जेंटीना को 1986 का फुटबॉल वर्ल्ड कप जिताया था.

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1986 के विश्व कप में डिएगो माराडोना ने हाथ की मदद से गोल किया था. बाद में उन्होंने इसे ‘हैंड ऑफ गॉड’ यानी ईश्वर का हाथ करार दिया था. माराडोना ने ये गोल इंग्लैड के खिलाफ मैच में किया था. माराडोना 1986 में मैक्सिको में खेले गए विश्व कप में अर्जेंटीना के कप्तान थे.

उन्होंने क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना की इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीत के बाद कहा था, ‘यह ईश्वर का हाथ यानी ‘हैंड ऑफ गॉड’ था.’ उस विश्व कप में माराडोना के दम पर अर्जेंटीना दूसरी बार चैम्पियन बना था. फाइनल में अर्जेंटीना ने वेस्ट जर्मनी को 3-2 से शिकस्त देकर दूसरी बार इस ट्रॉफी पर कब्जा किया था. 

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के साथ माराडोना

कोकीन की लत छोड़ने के लिए संघर्ष

माराडोना ने अर्जेंटीना के लिए 91 मैचों में 34 गोल गिए और चार विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व किया. अपने करियर में मारोडोना को कोकीन की लत के साथ खासा संघर्ष करना पड़ा और साल 1991 में उन्हें इसका सेवन का दोषी पाए जाने के बाद माराडोना पर 15 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था. माराडोना ने साल 1997 में पेशेवर फुटबॉल को 37 साल की उम्र में अलविदा कह दिया था. क्लब करियर में माराडोना बार्सिलोना और नैपोली के लिए खेले. उन्होंने दो सीरीए खिताब भी अपने क्लब को दिलाए.

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नेशनल टीम के कोच बनाए गए

साल 2008 में इस दिग्गज खिलाड़ी को नेशनल टीम का हेड कोच बनाया गया. साल 2010 विश्व कप के बाद माराडोना ने कोच का पद छोड़ दिया, जब अर्जेंटीना को क्वार्टरफाइनल में जर्मनी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. इसे बाद माराडोना संयुक्त अरब अमीरात और मेक्सिको के कोच रहे थे.

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