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ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों को देख उत्तेजित न हो टीम इंडिया: कपिल देव

पूर्व कप्तान कपिल देव ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले खास सलाह दी है. उन्होंने कहा कि गुरुवार से शुरु हो रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में उछाल लेती पिचों को देखकर उत्तेजित न हों और अपनी ताकत से गेंदबाजी करें.

Kapil Dev (Getty) Kapil Dev (Getty)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:34 AM IST
  • कपिल देव ने टेस्ट सीरीज से पहले गेंदबाजों को खास सलाह दी है
  • बोले- सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहेगा
  • ऑस्ट्रेलिया के पास गुलाबी गेंद से कई मैच खेलने का अनुभव है

पूर्व कप्तान कपिल देव ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले खास सलाह दी है. उन्होंने कहा कि गुरुवार से शुरु हो रही चार मैचों की टेस्ट सीरीज में उछाल लेती पिचों को देखकर उत्तेजित न हों और अपनी ताकत से गेंदबाजी करें. अनुभवी ईशांत शर्मा की गैरमौजूदगी में भी, भारत टीम के पास जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के नेतृत्व में खतरनाक तेज गेंदबाजी आक्रमण है.

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टीम में उमेश यादव, मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी के रूप में शानदार विकल्प मौजूद है. 61 साल के इस पूर्व दिग्गज का मानना है कि भारतीय गेंदबाजों के पास अब भी ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर गेंदबाजी का अनुभव नहीं है. कपिल ने कहा, ‘हमारे तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया के पिचों पर गेंदबाजी का अनुभव नहीं है. कई बार वह उछाल देख उत्तेजित हो जाते हैं. यह समझना काफी जरूरी है कि उन्हें अपनी ताकत से गेंदबाजी करनी चाहिए.’

भारत के लिए 131 टेस्ट में 434 विकेट लेने वाले पूर्व महान खिलाड़ी ने कहा, ‘हमारे पास शानदार तेज गेंदबाज हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वहां की परिस्थितियों को हमारे गेंदबाजों की तुलना में बेहतर समझते हैं.’ भारत को 1983 में विश्व विजेता बनाने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा कि डे-नाइट प्रारूप में खेले जाने वाले सीरीज के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहेगा.

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उन्होंने कहा, ‘जाहिर है इस टेस्ट (ऐडिलेड) में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहेगा. वे अपने घर में खेल रहे हैं. अगर भारतीय टीम गुलाबी गेंद से भारत में खेलती तो मैं कहता कि भारत के जीतने की संभावना 80 प्रतिशत है. वैसे भी ऑस्ट्रेलिया के पास गुलाबी गेंद से कई मैच खेलने का अनुभव है, जबकि भारतीय टीम ने सिर्फ एक टेस्ट दूधिया रोशनी में खेला है.’

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