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IND vs AUS: स्मिथ को कैसे रोकेंगे टीम इंडिया के बॉलर..? तेंदुलकर ने दिया ये 'मंत्र'

गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में संलिप्तता के कारण भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 2018-19 में हुई पिछली सीरीज से बाहर रहे स्मिथ इस बार इसकी भरपाई के लिए तैयार होंगे. स्मिथ ने भारत के खिलाफ छह टेस्ट शतक जड़े हैं.

Steve Smith (File) Steve Smith (File)
aajtak.in
  • सिडनी,
  • 24 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 2:41 PM IST
  • 'स्मिथ को पांचवीं स्टंप की लाइन पर गेंदबाजी करो'
  • स्मिथ ने भारत के खिलाफ छह टेस्ट शतक जड़े हैं
  • सचिन बोले- स्मिथ से शुरुआत में ही गलती करवाओ

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का कहना है कि स्टीव स्मिथ की गैरपारंपरिक तकनीक के कारण भारतीय गेंदबाजों को उन्हें थोड़ी बाहर गेंदबाजी करनी होगी. उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजों को सलाह दी कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के दौरान इस बल्लेबाज को ‘पांचवीं स्टंप’ की लाइन पर गेंदबाजी करें. गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में संलिप्तता के कारण भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 2018-19 में हुई पिछली सीरीज से बाहर रहे स्मिथ इस बार इसकी भरपाई के लिए तैयार होंगे. स्मिथ ने भारत के खिलाफ छह टेस्ट शतक जड़े हैं. 

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स्मिथ के बल्ले का किनारा लगे, इसका ये उपाय

तेंदुलकर ने पीटीआई से कहा, ‘स्मिथ की तकनीक गैरपारंपरिक है.... सामान्यत: टेस्ट मेचों में हम गेंदबाज को आफ स्टंप या चौथे स्टंप की लाइन के आसपास गेंदबाजी करने के लिए कहते हैं, लेकिन स्मिथ मूव करते हैं इसलिए शायद गेंद की लाइन चार से पांच इंच और आगे होनी चाहिए,’ 

उन्होंने कहा, ‘स्टीव के बल्ले का किनारा लगे इसके लिए चौथे और पांचवें स्टंप के बीच की लाइन पर गेंदबाजी करने का लक्ष्य बनाना चाहिए. यह कुछ और नहीं, बल्कि लाइन में मानसिक रूप से बदलाव करना है.’

स्मिथ को बैकफुट पर रखो, गलती करवाओ 

तेंदुलकर ने कहा, ‘मैंने पढ़ा है कि स्मिथ ने कहा है कि वह शॉर्ट पिच गेंदबाजी के लिए तैयार हैं... संभवत: वह उम्मीद कर रहे हैं कि गेंदबाज शुरुआत से ही उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाएंगे. लेकिन मुझे लगता है कि ऑफ स्टंप के बाहर की तरफ उनकी परीक्षा ली जानी चाहिए. उन्हें बैकफुट पर रखो और शुरुआत में ही गलती करवाओ.’ 

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अंदर की ओर स्विंग होती गेंद क्या अधिक प्रभावी नहीं होगी इस बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा, ‘इसके लिए यह देखना होगा कि गेंद कितनी स्विंग कर रही है. ये सभी चीजें मायने रखती हैं. आप लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते इसलिए अगर विकेट अधिक जीवंत है तो यह अलग मामला है. इंग्लैंड में टेस्ट मैचों के दौरान कभी-कभी ड्यूक गेंद काफी स्विंग नहीं करती.’ 

टीम इंडिया को एक रक्षात्मक गेंदबाज भी चाहिए

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि वे विकेट पर अधिक घास छोड़ेंगे या नहीं जिससे कि गेंद अधिक मूव करे. अगर गेंद स्विंग नहीं करती है तो शायद आपको स्विंग होती यॉर्कर देखने को भी नहीं मिले.’ जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और उमेश यादव की मौजूदगी में भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण प्रभावी है, लेकिन तेंदुलकर चाहते हैं टीम प्रबंधन एक रक्षात्मक गेंदबाज की भी पहचान करे.

उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने हमेशा से कहा है, हमारे पास भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ और संतुलित गेंदबाजी आक्रमण में से एक है. टेस्ट मैच जीतने के लिए अंतत: आपको 20 विकेट हासिल करने होते हैं. लेकिन 20 विकेट हासिल करने के लिए काफी रन भी नहीं लुटाने चाहिए.’ 

लगातार मेडन ओवर फेंककर दबाव बनाएं 

तेंदुलकर ने कहा, ‘आक्रामक गेंदबाजों के साथ हमें ऐसे गेंदबाज की भी पहचान करनी होगी जो प्रतिकूल पिचों पर एक छोर से रन नहीं बनने दे, लगातार मेडन ओवर फेंककर दबाव बनाए.’ 

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एडीलेड में 17 दिसंबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के पहले गुलाबी टेस्ट के बारे में तेंदुलकर का मानना है कि अगर पारी घोषित की जाती है तो उसका समय बड़ी भूमिका निभाएगा. तेंदुलकर ने कहा, ‘संभवत: समय में बदलाव के कारण आपको दिन के पहले सत्र में तेजी से रन बनाने होगी जो दोपहर में होगा और जब पिच सपाट होती है. सूरज ढलने के समय गुलाबी गेंद सीम करना शुरू करती है और यह गेंदबाजी का आदर्श समय है.’ 

पारी घोषित करने का समय काफी अहम है

उन्होंने कहा, ‘इसलिए पारी की रन गति और पारी घोषित करने का समय काफी अहम है. मान लीजिए आपने ठीक-ठाक स्कोर बना लिया है और सूरज ढलने के समय आपके आठ विकेट गिर चुके हैं तो अतिरिक्त 20 रन बनाने का प्रयास करने की जगह आपको पारी घोषित कर देनी चाहिए.’ 

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तेंदुलकर कहा कि ‘पिच के गीला’ होने की तुलना में ‘पिच के ठंडा’ होने के समय विकेट हासिल करना आसान होगा. उन्होंने कहा, ‘शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को उस समय आउट करो जब पिच पर उगी घास ठंडी हो, लेकिन गीली नहीं. अगर घास ठंडी होगी तो गेंद सीम करेगी, लेकिन अगर गीली होगी तो गेंद सीधी जाएगी और सतह पर फिसलेगी.’ 

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तेंदुलकर ने मयंक का खेलना तय माना

सलामी बल्लेबाजी के बारे में पूछने पर तेंदुलकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मयंक अग्रवाल का खेलना तय है. उन्होंने कहा, ‘मुझे पता है कि मयंक का खेलना तय है क्योंकि वह बड़ी पारियां खेल रहा है और अगर रोहित फिट और उपलब्ध होते हैं तो उन्हें उतरना चाहिए.’ 

तेंदुलकर ने कहा, ‘अन्य खिलाड़ियों (पृथ्वी शॉ, लोकेश राहुल) के बीच, यह प्रबंधन का फैसला होगा क्योंकि उन्हें पता है कि कौन सा खिलाड़ी फॉर्म में है.’ तेंदुलकर ने कहा कि इस समय ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम बेहतर लग रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘स्मिथ, (डेविड) वॉर्नर और (मार्नस) लाबुशेन अहम होंगे और मुझे यकीन है कि जहां तक तैयारी का सवाल है तो भारतीय टीम कोई कमी नहीं छोड़ेगी.’ 

भारत के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखने की अच्छी संभावना जताते हुए तेंदुलकर ने कहा, ‘‘दो सीनियर खिलाड़ियों की टीम में वापसी और लाबुशेन की मौजूदगी से बल्लेबाजी क्रम काफी बेहतर हुआ है. यह अधिक प्रतिस्पर्धी सीरीज होगी और मुझे यकीन है कि भारत इसके लिए तैयार है.’

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