
न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज साइमन डूल ने कहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में ऑस्ट्रेलिया के दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों के सामने उनके देश के क्रिकेटरों को हमेशा से नजर अंदाज कर दिया जाता रहा है.
डूल ने यह टिप्पणी डेवोन कॉनवे के आईपीएल नीलामी में नहीं चुने जाने के कुछ दिन बाद धमाकेदार बल्लेबाजी के संदर्भ में की. दक्षिण अफ्रीका में जन्मे कॉनवे की 59 गेंदों पर खेली गई 99 रनों की धमाकेदार पारी से न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में सोमवार को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 53 रनों से जीत दर्ज की.
लेकिन डूल का मानना है कि न्यूजीलैंड के क्रिकेटरों का अच्छा प्रदर्शन भी मायने नहीं रखता. भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कॉनवे की प्रशंसा में लिखा था, ‘डेवोन कॉनवे केवल चार दिन की देरी हुई, लेकिन क्या शानदार पारी थी.’
इस पर डूल ने ट्वीट किया, ‘पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि यह मायने रखता है. आईपीएल में वर्षों से दूसरे दर्जे के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के सामने न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जाता रहा है. लगता है कि आईपीएल के बाहर केवल बिग बैश प्रतियोगिता ही ऐसी है जिसके प्रदर्शन पर गौर किया जाता है.’
कॉनवे का आधार मूल्य 50 लाख रुपये था, लेकिन किसी भी टीम ने उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाई, जबकि वह अपनी राष्ट्रीय टीम और अन्य टी20 टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन कर रहे थे.
डूल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘संदर्भ पर आओ. मैंने किसी के नाम का जिक्र नहीं किया इसलिए ट्रोलिंग बंद करो. आईपीएल जब से शुरू हुआ तब से 94 ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को 886 करोड़ रुपये में चुना गया, जबकि न्यूजीलैंड के 31 खिलाड़ी ही चुने गए और उन पर 212 करोड़ रुपये खर्च किए गए.’
उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के छह प्रथम श्रेणी टीमें है और दोनों की घरेलू टी20 प्रतियोगिताएं हैं. यह बीबीएल (बिग बैश) के समय और उसे देखने से जुड़ा है.’
कॉनवे को भले ही आईपीएल में कोई टीम ने मिली, लेकिन उनके देश के काइल जेमिसन को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 15 करोड़ रुपये और एडम मिल्ने को मुंबई इंडियंस ने 3.2 करोड़ रुपये की मोटी धनराशि में खरीदा.