
अर्जेंटीना के प्रेसिडेंशियल मेंशन में महानतम फुटबॉल सितारों में से एक डिएगो माराडोना को गुरुवार को विदाई देने के लिए जुटे हजारों बेसब्र प्रशंसक पुलिस से भिड़ गए. प्रशंसकों ने ब्यूनर्स आयर्स के मुख्य इलाके कासा रोसादा के समीप पुलिस पर बोतलें फेंकीं और बैरीकेड तोड़ दिए.
पारिवारिक सदस्यों और करीबी मित्रों के माराडोना के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के बाद स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर आम लोगों को अंतिम दर्शन की इजाजत दी गई.
माराडोना का पार्थिव शरीर प्रेसिडेंशियल कार्यालय की मुख्य लॉबी में रखा गया था और इसे अर्जेंटीना के झंडे तथा राष्ट्रीय टीम की 10 नंबर की जर्सी से ढका गया था. गमजदा प्रशंसकों ने उनके अंतिम दर्शन के दौरान विभिन्न फुटबॉल टीमों की जर्सियां भी फेंकीं.
माराडोना का बुधवार को ब्यूनस आयर्स के बाहर घर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जहां वह तीन नवंबर को हुए मस्तिष्क के ऑपरेशन से उबर रहे थे.
माराडोना को सबसे पहले उनकी बेटियों और परिवार के करीबी सदस्यों ने विदाई दी. इसके बाद 1986 विश्व कप जीतने वाली टीम के उनके साथी आस्कर रुगेरी पहुंचे. बोका जूनियर के कार्लोस टेवेज जैसे अर्जेंटीना के अन्य खिलाड़ी भी उन्हें विदाई देने पहुंचे.
माराडोना के निधन की पुष्टि होने के कुछ घंटों के भीतर ही कासा रोसादा के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई. उनके पूर्व क्लब बोका जूनियर्स के प्रशंसक भी उन्हें विदाई देने पहुंचे थे.
सबसे पहले जिस प्रशंसक ने उनके दर्शन किए वह नाहुएल डि लिमा थे, जो दिव्यांगता के कारण बैसाखी के सहारे पहुंचे थे. इसी दौरान प्रशंसक पहले दर्शन करने की चाह में अनियंत्रित हो गए और पुलिस से भिड़ गए, जिसके कारण आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.