
टोक्यो ओलंपिक- 2020 में भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीम ने करिश्माई प्रदर्शन किया है. दोनों ही टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है. महिला टीम जहां पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंची है तो पुरुष टीम 49 साल बाद अंतिम-4 में प्रवेश कर पाई है.
टीम इंडिया के इस प्रदर्शन के बाद हॉकी के फैन्स उत्साहित हैं. खिलाड़ियों की जमकर सराहना हो रही है. इसी दौरान सोशल मीडिया पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी चर्चा में हैं. लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं.
दरअसल, नवीन पटनायक ने हॉकी टीम का तब साथ दिया जब उसका कोई सहारा नहीं था. टीम को स्पॉन्सर करने वाला कोई नहीं था. ये बात है साल 2018 की, जब सहारा वित्तीय संकट से गुजर रही थी और इसी कारण उसकी डील टूट गई थी.
सहारा 1995 से भारतीय हॉकी के साथ जुड़ी हुई थी. 2017 में कंपनी का करार 2021 के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन खराब माली हाथ के कारण ये डील समय से पहले ही टूट गई.
सहारा के हटने के बाद ओडिशा सरकार ने भारतीय हॉकी को स्पॉन्सर करने का फैसला लिया. राज्य सरकार पिछले तीन वर्षों से पुरुष और महिला टीम को स्पॉन्सर कर रही है. 2018 में ओडिशा ने हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी भी की थी. ओडिशा हर साल टीम को 20 करोड़ रुपये देता है.
टीम की हौसला अफजाई करते हैं सीएम
नवीन पटनायक खुद टीम की हौसला अफजाई करते रहते हैं. रविवार को पुरुष टीम की जीत के बाद नवीन पटनायक ने एक ट्वीट भी किया था.
उन्होंने टीम इंडिया को बधाई दी. सीएम पटनायक ने लिखा, 'शानदार प्रदर्शन, क्वार्टर फाइनल में ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ बेहतरीन जीत के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई. आशा है कि, टीम इंडिया अगले मैच में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेगी और हॉकी में मेडल लाकर देश के सालों के इंतजार को खत्म करेगी. ऑल द बेस्ट.'
बता दें कि ओडिशा देश में किसी राष्ट्रीय टीम को स्पॉन्सर करने वाला इकलौता राज्य है. बहुत कम लोगों को पता होगा कि नवीन पटनायक दून स्कूल में पढ़ाई के दौरान गोलकीपर के रूप में हॉकी खेलते थे. पटनायक ने कभी भी सार्वजनिक रूप से खेल के प्रति अपने प्यार का इजहार नहीं किया.