
भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है. गुरुवार को 57 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में रवि दहिया को दूसरी वरीय रूस ओलंपिक समिति के पहलवान जावुर युगुऐव ने 7-4 से मात दी. फाइनल में हार के साथ ही रवि दहिया का ओलंपिक में गोल्ड जीतने का सपना चकनाचूर हो गया है. गौरतलब है कि ओलंपिक में सिर्फ अभिनव बिंद्रा ही व्यक्तिगत स्पर्धा में अबतक भारत के लिए गोल्ड जीत पाए हैं. अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक (2008) के 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में यह सुनहरी उपलब्धि हासिल की थी.
टोक्यो खेलों में भारत का यह पांचवां पदक है. इससे पहले गुरुवार को भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक पर कब्जा किया. भारोत्तोलन में मीराबाई चनू ने रजत, बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीता. साथ ही बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य हासिल किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवि दहिया को ट्वीट कर बधाई दी है. उन्होंने लिखा- रवि कुमार दहिया एक उल्लेखनीय पहलवान हैं. उनकी फाइटिंग स्पिरिट और दृढ़ता उत्कृष्ट है. #Tokyo2020 में रजत पदक जीतने के लिए उन्हें बधाई. भारत को उनकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है.
कुश्ती में सुशील ने पहला सिल्वर जीता था
रवि कुमार दहिया ओलंपिक में पदक जीतने वाले ओवरऑल पांचवें भारतीय पहलवान हैं. सबसे पहले पहलवान केडी जाधव ने हेलसिंकी ओलंपिक (1952) में भारत के लिए कांस्य पदक जीता था. इसके बाद पहलवान सुशील कुमार ने भारत के लिए बीजिंग ओलंपिक (2008) में कांस्य और लंदन ओलंपिक (2012) में रजत पदक अपने नाम किया था.सुशील के अलावा योगेश्वर दत्त भी लंदन ओलंपिक में कांस्य जीतने में सफल रहे थे. साक्षी मलिक ने 2016 के रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
ऐसा रहा फाइनल मुकाबला
फाइनल मुकाबले में जावुर युगुऐव ने रवि को मैट के बाहर धकेलकर पहला प्वाइंट हासिल किया. इसके बाद रूसी पहलवान ने एक और प्वाइंट लेकर स्कोर 0-2 कर दिया. रवि दहिया ने फिर विपक्षी खिलाड़ी को टेकडाउन करते हुए स्कोर 2-2 कर दिया. ब्रेक से पहले जावुर युगुऐव ने रवि दहिया को टेकडाउन कर स्कोर 2-4 कर दिया.
ब्रेक के बाद जागुर युगुऐव ने तीन प्वाइंट हासिल कर स्कोर को 2-7 कर दिया. इसके बाद भारतीय पहलवान ने टेकडाउन के दो अंक लेकर स्कोर को 4-7 कर दिया. रवि कुमार दहिया को अब भी बराबरी करने के लिए 3 अंकों की जरूरत थी. लेकिन रूसी पहलवान की डिफेंस काफी मजबूत थी और उन्होंने भारतीय पहलवान को वापसी का मौका नहीं दिया.
... रवि दहिया का सफर
23 साल के रवि कुमार दहिया ने टोक्यो में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहले मैच में कोलंबिया के पहलवान ऑस्कर टिगरेरोस उरबानो को 13-2 से हराया था. इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में बुल्गारिया के जॉर्डी वैंगेलोव को 14-4 से मात देकर अंतिम चार में जगह बनाई थी. फिर रवि ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के नूरीस्लाम सनायेव को विक्ट्री बाई फॉल के जरिए पटखनी देकर सिल्वर मेडल पक्का कर लिया था.
रवि दहिया ने 2019 में कजाखिस्तान के नूर सुल्तान में हुई विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचकर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था. रवि ने क्वार्टर फाइनल में जापान के युकी ताकाहाशी को 6-1 से मात दी थी. हालांकि सेमीफाइनल में रवि दहिया को रूस के जावुर युगुऐव के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. बाद में रवि दहिया ने ईरान के रेजा अत्री नागाहरची को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया था.
ओवरऑल ओलंपिक कुश्ती में भारत के पदक
1. केडी जाधव
कांस्य पदक, हेलसिंकी ओलंपिक (1952)
2. सुशील कुमार
कांस्य पदक, बीजिंग ओलंपिक (2008)
रजत पदक: लंदन ओलंपिक (2012)
3. योगेश्वर दत्त
रेपचेज में चला हरियाणा के पहलवान का दांव
कांस्य पदक: लंदन ओलंपिक (2012)
4. साक्षी मलिक
कांस्य पदक: रियो ओलंपिक (2016)
5. रवि दहिया
रजत पदक: टोक्यो ओलंपिक (2020)