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Tokyo Olympics: डबल्स में भारत को पदक दिलाने उतरेंगी सानिया मिर्जा

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा टोक्यो ओलंपिक में अंकिता रैना के साथ महिला युगल में अपनी चुनौती पेश करेंगी. सानिया चौथी बार ओलंपिक में भाग ले रही हैं.

Sania Mirza Sania Mirza
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 20 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 9:27 PM IST

सानिया मिर्जा 
उम्र - 34
खेल - टेनिस 
वर्ल्ड रैंकिंग - 137 (महिला डबल्स) 

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा टोक्यो ओलंपिक में अंकिता रैना के साथ महिला युगल में अपनी चुनौती पेश करेंगी. सानिया चौथी बार ओलंपिक में भाग ले रही हैं और वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट हैं. दूसरी ओर 28 साल की अंकिता का यह पहला ओलंपिक है. 

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हैदराबाद में पली-बढ़ीं सानिया मिर्जा ने महज 6 साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू कर दिया था. 2002 में सानिया की मेहनत रंग लाई, जब उन्होंने एशियन गेम्स में लिएंडर पेस के साथ मिलकर मिक्स्ड डबल्स का कांस्य पदक जीता. इसके बाद 2003 में उन्होंने विम्बलडन चैम्पियनशिप में एलिसा क्लेबानोवा के साथ मिलकर लड़कियों का डबल्स खिताब अपने नाम किया. फिर 2006 में सानिया ने दोहा एशियन गेम्स में लिएंडर पेस के साथ मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड जीतने के अलावा महिला एकल का रजत पदक भी जीता. 

अगस्त 2007 में सानिया की सिंगल्स रैंकिंग 27 तक पहुंच गई, जो किसी भी भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी की सर्वोच्च रैंकिंग थी. 2009 में उन्होंने महेश भूपति के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियन ओपन का मिक्स डबल्स खिताब जीता. इसी के साथ वो ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं. अप्रैल 2015 में सानिया मिर्जा महिला डबल्स की रैंकिंग में नंबर-1 पायदान पर पहुंच गईं. वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी हैं. 

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सानिया ने अब तक जो छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, उसमें तीन महिला डबल्स और इतने ही मिक्स्ड डबल्स खिताब शामिल हैं. उन्होंने अपना आखिरी ग्रैंड स्लैम 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का वुमंस डबल्स खिताब जीतकर हासिल किया था. तब सानिया और मार्टिना हिंगिस की पहली वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल में चेक गणराज्य की सातवीं वरियता प्राप्त जोड़ी एंड्रिया लावाकोवा और लूसी हराडेका को शिकस्त दी थी. इंडो- स्विस जोड़ी का यह लगातार तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब था. 

टोक्यो का सफर: सानिया ने विशेष रैंकिंग के आधार पर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया है. डब्ल्यूटीए के नियमानुसार जब कोई खिलाड़ी चोट या बच्चे के जन्म के लिए छह महीने से ज्यादा समय की छुट्टी लेता है तो वे एक ‘विशेष रैंकिंग' के लिए अनुरोध कर सकते हैं. एक खिलाड़ी की विशेष रैंकिंग उनके अंतिम टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के बाद की विश्व रैंकिंग होती है. सानिया के मामले में यह अक्टूबर 2017 में खेला गया चाइना ओपन था. उस समय सानिया डबल्स रैंकिंग में नौंवे स्थान पर थीं. इसलिए सानिया की विशेष रैंकिंग नौ मानी गई , जिसके चलते उन्होंने टोक्यो का टिकट हासिल कर लिया. 

हालिया प्रदर्शन: सानिया मिर्जा ने हाल ही में संपन्न हुए विम्बलडन चैम्पियनशिप 2021 में हिस्सा लिया, हालांकि उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा. महिला डबल्स में सानिया और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार बेथानी माटेक सैंड्स दूसरे दौर में हारकर बाहर हो गई थीं. वहीं, मिक्स्ड डबल्स में सानिया और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को तीसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा था.

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