
भारतीय अधिकारियों के दल में गुरुवार को तब हड़कंप मच गया, जब युगांडा का भारोत्तोलक जूलियस सेकिटोलेंको हवाई अड्डे पर भारत की ट्रैक जैकेट पहने हुए दिखाई दिया. जूलियस ओलंपिक के पूर्व अभ्यास के दौरान भाग गए थे, जिसके चार दिन बाद उन्हें उनके देश रवाना कर दिया गया.
एनटीवी चैनल ने यहां एक रिपोर्ट दिखाई, जिसमें 20 साल के जूलियस नरीता हवाई अड्डे पर लाल रंग का ट्रैक टॉप पहने दिख रहे हैं और इसके पीछे ‘इंडिया’ लिखा है. यह उसी तरह की किट लग रही है, जो भारतीय खिलाड़ियों ने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान पहनी थी.
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव राजीव मेहता ने स्पष्ट किया कि यह ड्रेस टोक्यो ओलंपिक के लिए देश की आधिकारिक किट नहीं थी. मेहता ने पीटीआई से कहा, ‘यह रंग टोक्यो ओलंपिक में भारत की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति का नहीं है.’
युगांडा के दल प्रमुख ऐशा नासांगा को भी नहीं पता था कि जूलियस ने भारत की ट्रैक जैकेट कैसे पहनी हुई थी. नासांगा ने कहा, ‘मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता है. वह 18 जून को अभ्यास के लिए जापान आया था, हो सकता है किसी ने उसे दी हो. हो सकता है यह पुरानी हो.’
जूलियस पुरुषों के 56 किग्रा वर्ग में खेलते हैं और वह युगांडा की 9 सदस्यीय टीम का हिस्सा थे जो ओसाका प्रांत के इजुमिसानो में अभ्यास कर रही थी.
कोविड-19 जांच के लिए नहीं पहुंचने पर अधिकारियों और टीम के साथियों ने पिछले हफ्ते उनके गायब होने की सूचना दी थी. खबरों के अनुसार जूलियस खेलों के लिए अपने क्वालिफिकेशन की पुष्टि से पहले ही जापान पहुंच गए थे.
5 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ ने सूचित किया कि उन्हें ओलंपिक का कोटा नहीं मिला है. वह अपने कमरे में यह नोट रखकर गायब हो गए थे कि वह अपने देश नहीं लौटना चाहते, लेकिन उन्हें ढूंढकर बुधवार को युगांडा वापस भेज दिया गया.