
महाराष्ट्र में भी उना कांड की तरह एक मामला सामने आया है. महाराष्ट्र के जलगांव जिले में एक किसान के कुएं पर नहाने को लेकर पिछड़ी जाति के दो किशोरों की कथित रूप से पिटाई की गई और उन्हें पूरे गांव में निर्वस्त्र घुमाया गया. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि नाबालिग किशोरों की दो लोगों ने परेड कराई, जिनमें से एक कुएं का मालिक था.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई. पुलिस ने घटना के सिलसिले में ईश्वर जोशी और प्रह्लाद लोहार को गिरफ्तार किया है. किशोरों की कथित पिटाई और उनकी निर्वस्त्र परेड का वीडियो 10 जून को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया है. स्थानीय पुलिस ने बताया कि दोनों किशोरों की उम्र 15-16 साल है. दोनों लड़के 10 जून को दोपहर तीन बजे जोशी के कुएं पर नहाने गए थे.
इस घटना की गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया, महाराष्ट्र में अब उना कांड हुआ है. गैर दलित के कुएं पर नहाने की वजह से दलित बच्चों को प्रताड़ित किया गया. उन्हें पीटा गया. यदि उना के पीड़ितों को न्याय मिला होता तो क्या इस तरह की घटना फिर होती?
गौरतलब है कि 11 जुलाई 2016 को उना कांड हुआ था. इसमें 4 दलितों की पिटाई कथिक गौरक्षकों ने की थी. ये सभी लोग एक मरी हुई गाय का चमड़ा उतार रहे थे. जिन्हें गाड़ी में बांधकर पिटाई की थी.