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लुधियाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, बब्बर खालसा के 7 आतंकी गिरफ्तार

पंजाब के लुधियाना से बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सात आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है. पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस टीम की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर इन आतंकियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है.

बाबर खालसा के 7 आतंकी गिरफ्तार (फोटो: ANI) बाबर खालसा के 7 आतंकी गिरफ्तार (फोटो: ANI)
राम कृष्ण
  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:12 PM IST

पंजाब के लुधियाना से खूंखार आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सात आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है. लुधियाना पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस ब्यूरो की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर इन आतंकियों को पकड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने इन आतंकियों के पास से तीन पिस्टल और 33 कारतूस बरामद किए हैं.

पुलिस के मुताबिक ये आतंकी स्थानीय युवाओं के संपर्क में थे. इसके लिए ये सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर रहे थे. फिलहाल पुलिस इन आतंकियों से पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि गिरफ्तार आतंकियों से कई अहम जानकारी मिल सकती है. ये आतंकी देश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.

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लुधियाना पुलिस कमिश्नर ने बताया कि खालिस्तान के खिलाफ लिखने वाले लोग इन आतंकियों के निशाने पर थे, लेकिन समय रहते पुलिस ने कार्रवाई करके इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आतंकवादी फेसबुक के जरिए ब्रिटेन में आतंकी सुरेंद्र सिंह के संपर्क में थे. वह इनको हैंडल कर रहा था और फंड भी उपलब्ध करा रहा था.

इससे पहले मई में पंजाब के मोहाली से चार बब्बर खालसा आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था. चारों आतंकियों की पहचान हरबिंदर सिंह, अमृतपाल कौर, जरनैल सिंह और रणदीप सिंह के रूप में की गई थी. बताया जा रहा है कि इन आतंकियों के निशाने पर कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार और शिवसेना के कई नेता थे. ये चारों आतंकी खुद को खालिस्तान जिंदाबाद ग्रुप का हिस्सा बता रहे थे. इन चार आतंकियों में से एक महिला अमृतपाल कौर संगरूर के किशनगढ़ की रहने वाली थी.

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मालूम हो कि खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का चीफ हरमिंदर सिंह मिंटू (47 वर्ष) भी पहले आतंकी संगठन बब्बर खालसा का सदस्य था. साल 1986 में अरूर सिंह और सुखविंदर सिंह बब्बर ने जब खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) बनाई तो वह उससे जुड़ गया. इसके बाद खालिस्तान आंदोलन में शामिल रहे चार बड़े संगठन भी साल 1995 में केएलएफ से जुड़ गए और फिर केएलएफ का मुखिया बन गया.

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