Advertisement

कर्नल पुरोहित ने रची थी संघ नेताओं की हत्‍या की साजिश: आरएसएस

आरएसएस ने आतंकवाद पर बयान देते हुए कहा कि उसका नाम जबरन ही बम धमाकों में खिंचा जा रहा है. आरएसएस ने कहा कि कर्नल पुरोहित ने रची थी संघ नेताओं की हत्‍या की साजिश थी.

भाषा
  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2011,
  • अपडेटेड 5:48 PM IST

मालेगांव, अजमेर और हैदाराबाद विस्फोट मामले में सरकारी जांच को दुष्प्रचार की साजिश का हिस्सा बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने इन मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से जांच करने के लिए एक स्वतंत्र आयोग गठित करने के वास्ते प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखा है और मुलाकात के लिए समय मांगा है.

संघ की ओर से प्रधानमंत्री को यह पत्र सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने लिखा जिसमें कर्नल पुरोहित और दयानंद पाण्डेय के षड्यंत्र को महज आपराधिक मामला नहीं बल्कि राजनीतिक हथकंडा बताते हुए महाराष्ट्र एटीएस पर सरसंघचालक मोहन भागवत और वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार की हत्या की साजिश रचे जाने से जुड़े मामले को दबाने का आरोप लगाया गया.

Advertisement

पत्र की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, ‘संघ का स्पष्ट मानना है कि कर्नल पुरोहित की भूमिका राजनीतिक थी और वह अपने विवेक के आधार पर कुछ नहीं कर रहा था. उसकी कोशिश संघ और सहयोगी संगठनों में दरार पैदा करने की थी. उसने सरसंघचालक भागवत और इंद्रेश कुमार को मारने की साजिश रची जिसका पता महाराष्ट्र एटीएस के आरोपपत्र से चलता है.’ {mospagebreak}

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद जांच एजेंसियां ऐसे लोगों से संघ का रिश्ता जोड़ रही हैं और हत्या की साजिश के पहलू पर जांच कार्य आगे नहीं बढ़ा रही हैं. पत्र में कहा गया है कि, ‘पूरा षड्यंत्र वास्तव में एक राजनीतिक हथकंडा है, इसलिए महज आपराधिक छानबीन से कुछ पता नहीं चल सकता है. इस बात का पता लगाये जाने की जरूरत है कि इसके पीछे किस प्रकार का राजनीतिक एजेंडा है और इस साजिश के पीछे कौन लोग हैं. इसकी जांच के लिए एक निष्पक्ष स्वतंत्र आयोग गठित किये जाने की जरूरत है.’

Advertisement

यह पूछे जाने पर कि जब संघ को जांच एजेंसियों के रवैये पर संदेह था तो इस विषय को पहले क्यों नहीं उठाया गया, वैद्य ने कहा, ‘हम पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि जांच प्रक्रिया में एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगे और हमारी अपेक्षा थी कि जांच कार्य पारदर्शितापूर्ण ढंग से होगा. लेकिन इस दौरान हमने महसूस किया कि जांच एजेंसियां जानबूझकर कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रही हैं और अमर्यादित व्यवहार एवं चरित्रहनन कर रही हैं.’ उन्होंने कहा कि जांच अब आपराधिक मामले की जांच नहीं रह गई है बल्कि संघ के विरुद्ध राजनीतिक एजेंडा और दुष्प्रचार का हथियार बन गई है. कांग्रेस के एक महासचिव भी संघ के विरुद्ध विद्वेषपूर्ण अभियान चलाये हुए हैं जिससे राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि होती है. {mospagebreak}

वैद्य ने कहा कि महाराष्ट्र एटीएस ने संघ के नेताओं को जान से मारने की साजिश पर जांचकार्य को आगे नहीं बढ़ाया बल्कि जांच प्रक्रिया को जानबूझकर विकृत करने का प्रयास किया जा रहा है. अगर इस पहलू की निष्पक्ष जांच सामने आए तो संघ के विरुद्ध चलाये गए अभियान की हवा निकल आयेगी. जोशी ने अपने पत्र में लिखा है कि संघ आमतौर पर राजनीतिक सत्ता से कोई संवाद नहीं करता लेकिन मामला संवेदनशील है, अत: इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रत्यक्ष मिलकर इस विषय पर संवाद करने का अवसर प्रदान करें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement