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प्रदूषण रोकने में कई एजेंसियां नाकाम, CPCB ने थमाया नोटिस

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने में विफल रहने के चलते DDA, PWD, North MCD और DSIIDC को कानूनी नोटिस जारी किया है. 

दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण (फाइल फोटो-IANS) दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण (फाइल फोटो-IANS)
aajtak.in/अनीषा माथुर
  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 3:48 PM IST

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 30 दिनों में जवाब मांगा
  • दिल्ली में वायु प्रदूषण की 1067 शिकायतें पिछले महीने मिली थीं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने में विफल रहने के चलते DDA, PWD, North MCD और DSIIDC को कानूनी नोटिस जारी किया है.

सीपीसीबी ने यह भी कहा है कि अगर 30 दिनों के भीतर इन एजेंसियों से जवाब नहीं मिलता है तो एजेंसी के प्रमुखों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इन एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाएगा.

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सीपीसीबी ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सूक्ष्म स्तर की योजनाओं के लिए दिल्ली-एनसीआर में विशिष्ट हॉटस्पॉट और प्रमुख प्रदूषणकारी क्षेत्रों की पहचान की थी. वहीं वायु प्रदूषण की 1067 शिकायतें पिछले महीने हासिल हुई, जो कि कंस्ट्रक्शन से निकली धूल, भारी वाहनों, सड़क की धूल, कचरा डंपिंग, कचरा जलाने और फसल जलने से जुड़ी थी.

गौरतलब है कि दिल्ली में समग्र रूप से हवा की गुणवत्ता गिरकर बहुत खराब श्रेणी में चली गई है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के वायु गुणवत्ता लैब के प्रमुख वी.के.शुक्ला ने कहा कि हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई है, क्योंकि स्थानीय प्रदूषकों को बिखराव नहीं हो रहा है, ऐसा मौसम की प्रतिकूल स्थितियों की वजह से है.

शुक्ला ने कहा कि राजधानी में पराली जलाने का स्तर बहुत ज्यादा नहीं है. उन्होंने कहा कि हवा की गुणवत्ता के आकलन के लिए जाड़ा महत्वपूर्ण होगा. सीपीसीबी ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता की निगरानी के लिए 46 टीमें बनाई हैं, जो संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए समीर एप से सूचनाएं भेज रही हैं.

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एन्वायरमेंट पॉल्यूशन (प्रिवेंशन और कंट्रोल) अथॉरिटी (ईपीसीए) ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) 15 अक्टूबर से लागू है. सफर इंडिया के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में समग्र रूप से हवा की गुणवत्ता 17 अक्टूबर को बहुत खराब श्रेणी के निचले स्तर पर ही और पीएम 2.5 रहा और लेड प्रदूषकों का स्कोर 125 रहा. यह सीजन में पहली बार है कि यह इस जोन में आई है और इसके अगले दो दिनों में इसी श्रेणी में बने रहने की संभावना है.

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