
तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) द्वारा नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) से समर्थन वापस लेने के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने के कारण टीडीपी ने यह फैसला लिया है.
शाह ने शनिवार सुबह यह बैठक बुलाई है. इस बैठक में आंध्र प्रदेश बीजेपी के नेता शामिल होंगे. इससे पहले टीडीपी ने शुक्रवार सुबह एनडीए से अलग होने की घोषणा की.
आंध्र प्रदेश को केंद्र द्वारा विशेष राज्य का दर्जा देने से इंकार करने के बाद टीडीपी के दो मंत्रियों ने हफ्ते भर पहले मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद पार्टी ने शनिवार को एनडीए छोड़ने का निर्णय किया. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश को लेकर किए गए वादों को पूरा नहीं किया और प्रदेश के साथ अन्याय किया.
साथ ही टीडीपी एनडीए के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर चुकी है. हालांकि, शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही के हंगामे की भेंट चढ़ने के कारण यह अविश्वास प्रस्ताव सदन में रखा न जा सका. टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव का माकपा, कांग्रेस, टीएमसी, वाईएसआर कांग्रेस ने समर्थन देने का निर्णय किया है.
देखा जाए तो अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की स्थिति में भी संख्या बल के मामले में भाजपा को कोई समस्या नहीं आएगी, क्योंकि 536 सदस्यीय लोकसभा में बीजेपी के 274 सांसद हैं.