
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा शुरू हो गई है. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों को रस्सों से खींचकर गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जा रहा है. सुबह चार बजे से पूजा के लिए भगवान जगन्नाथ मंदिर के पट खुल गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके देशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं दी हैं.
भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष, बलभद्र के रथ नाम तालध्वज और सुभद्रा के रथ का नाम देवदलन होता है. इन रथों को मोटे मोटे रस्सों के जरिए भक्त खींचेंगे. रथयात्रा में शामिल होने देश-विदेश से लाखों भक्त पुरी पहुंचे हैं. सुरक्षा बलों की 100 से ज्यादा बटालियन यहां तैनात की गईं हैं.
पुरी के साथ ही देश की कई शहरों में जगन्नाथ रथयात्रा आयोजित की जाती है. पुरी के बाद सबसे भव्य रथयात्रा अहमदाबाद में निकाली जाती है. प्रदेश की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने भी यहां पूजा की. यह 137वीं रथयात्रा है. यहां 400 साल पुराने जमालपुर के नारायण मंदिर से यात्रा शुरू होती है.
यह रथयात्रा शहर के कई इलाकों से होते हुए करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. सुरक्षा के लिए 28 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है और सीसीटीवी के अलावा हवाई कैमरों से भी यात्रा पर नजर रखी जाएगी.