
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली अपना सांसद निधि का पैसा सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में खर्च करेंगे. इसके लिए उन्होंने ढाई करोड़ की पहली किस्त की चिट्ठी रायबरेली प्रशासन को भेज भी दी है.
सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में कई विकास कार्यों पर अपना फंड खर्च करने का फैसला अरुण जेटली ने खुद किया है. जेटली के इस कदम को गांधी परिवार के गढ़ में बीजेपी की पहुंच बढ़ाने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है.
जेटली के 'प्रतिनिधि' और बीजेपी प्रवक्ता हीरो बाजपेई ने कहा, 'यूपी से राज्यसभा सांसद होने के नाते अरुण जेटली ने रायबरेली को चुना है. एक प्रमुख राजनीतिक परिवार का गढ़ होने के बावजूद रायबरेली जिला जिस तरह से पिछड़ेपन का शिकार है, यह देखते हुए जेटली ने इस क्षेत्र को चुनने का का फैसला किया है.'
मेंबर ऑफ पार्लियामेंट लोकल एरिया डेवलपमेंट स्कीम (एमपीएलएडीएस) के तहत राज्यसभा सांसद अपनी ओर से चुने गए जिले में 5 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लिए जिला कलेक्टर को बोल सकता है. राज्यसभा सांसद जिस प्रदेश से चुना जाता है, वहां के एक या एक से ज्यादा जिलों में विकास कार्य करवा सकता है.
बाजपेयी के मुताबिक, 'केंद्रीय वित्त मंत्री नवंबर के पहले या दूसरे हफ्ते में रायबरेली का दौरा कर सकते हैं.' हालांकि बाजपेयी ने उन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें 2019 का चुनाव सोनिया गांधी और अरुण जेटली के बीच लड़े जाने की बात कही जा रही है. बाजपेयी ने कहा, वे (जेटली) लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी को मजबूत करेंगे. रायबरेली से मौजूदा सांसद सोनिया गांधी हैं जबकि उससे सटे अमेठी का प्रतिनिधित्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करते हैं.